- स्पेशल जज एंटी-करप्शन पुलवामा ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
पुलवामा। स्पेशल जज एंटी करप्शन डॉ. नूर मोहम्मद मीर ने ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व जूनियर इंजीनियर को सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के 25 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में दोषी करार देते हुए सात साल की कैद की सजा सुनाई है।
जांच में पाया गया था कि आरोपी ने अपने सर्विस बुक और जन्मतिथि में हेराफेरी कर सेवा अवधि को गैरकानूनी रूप से बढ़ाने का प्रयास किया था। करीब 25 साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और उसे सात वर्ष के कारावास की सजा के साथ 3,52,760 रुपये का जुर्माना भी लगाया ताकि सरकार को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।