संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने सोमवार को दो कैदियों लगाया गया पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) को रद्द कर दिया है। इनमें आरोपी एक कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशनके पूर्व अध्यक्ष हैं। वकील नजीर अहमद रोंगा की ओर से दायर याचिका पर न्यायमूर्ति संजय धर की पीठ ने कहा कि कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोप अस्पष्ट थे। इस आधार पर याचिकाकर्ता (रोंगा) के खिलाफ पीएसए के तहत कार्रवाई करना संभव नहीं है।
पीठ ने यह भी कहा कि डिटेनिंग अथारिटी द्वारा 10 जुलाई 2024 को जारी किए गए आदेश में तथ्यों की कमी है। इसलिए आदेश को रद्द किया जाता है। याचिका में रोंगा ने कहा कि निरोध के आधार पर उनके खिलाफ एपीएचसी (एम) समूह से संबंध रखने का आरोप पूर्ण रूप से निराधार हैं। वह एक निर्वाचित नगर निगम पार्षद रहे हैं और 1987 से 1989 तक सरकारी वकील के रूप में भी कार्य किया है।
इस बीच, अदालत ने 21 जुलाई 2023 को बारामुला के उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए पीएसए निरोध आदेश को रद्द कर दिया, जो तनवीर अहमद खान के खिलाफ था।