- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कोऑर्डिनेटरों और डीसीसी अध्यक्षों संग की बैठक
- राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने पर जोर दिया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) प्रदेश के सभी जिलों में केंद्रीय चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से होने वाली वोट चोरी के खिलाफ एक बड़े हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करेगी। वोट चोरी लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती है। भाजपा के केंद्र में सत्ता में आने के बाद से लोकतंत्र पर लगातार हमला हो रहा है। सत्ताधारी पार्टी द्वारा संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर करना गंभीर परिणामों वाला है, जिसे न तो स्वीकार किया जाएगा और न ही बर्दाश्त किया जाएगा। यह बातें जेकेपीसीसी अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने सोमवार को श्रीनगर पार्टी कार्यालय में कश्मीर प्रांत के कोऑर्डिनेटरों और जिलाध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ईसीआई-बीजेपी की मिलीभगत का पर्दाफाश कर दिया है। उन्होंने वोट में गड़बड़ी के बारे में तथ्य पेश किए, जबकि ईसीआई ने वोट चोरी रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उल्टे धोखाधड़ी को छिपाने के लिए हलफनामा मांग लिया। बोले, वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
कर्रा ने कहा कि राज्य के दर्जे के लिए लड़ाई जारी रहेगी। पार्टी नेताओं से अपने-अपने जिलों में व्यापक जनसंपर्क शुरू करने को कहा। इस दौरान विधायक निजामुद्दीन भट, विधायक इरफान हफीज लोन, पूर्व विधायक बशीर अहमद मगरी, विधायक अब्दुल रहीम रथर, अब्दुल गनी खान, निसार अहमद मुंडो, आबिद अहमद भट्ट ने भी विचार व्यक्त किया। बैठक में आदिल फारूक मीर, सुहेल बुखारी, इरफान नाकीब, जफर फारूक सलाती, अब्दुल रशीद लोन, मीर इकबाल, उमर जान आादि मौजूद रहे।
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