अनंतनाग। कांग्रेस पार्टी की ''वोट चोर, गद्दी छोड़'' हस्ताक्षर मुहिम को रविवार को डोरु में जबरदस्त जन समर्थन मिला जो पार्टी का एक प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र है।
इस मुहिम की शुरुआत एआईसीसी महासचिव और सीएलपी नेता गुलाम अहमद मीर ने जम्मू-कश्मीर के सीएलपी के मुख्य सचेतक निजामुद्दीन भट के साथ मिलकर की। इससे पहले मुहिम को वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुरू किया था। जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने दो अक्टूबर गांधी जयंती के दिन इसे औपचारिक रूप से लांच किया। जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी के कार्यकर्ताओं और विधायकों ने अपने हस्ताक्षरों के माध्यम से इस मुहिम को व्यापक समर्थन दिया है।
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लोगों को संबोधित करते हुए गुलाम अहमद मीर ने कहा कि हम अपनी आवाज को चोरी नहीं होने देंगे और भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पारदर्शिता, न्याय और लोकतांत्रिक संस्थानों में जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। निजामुद्दीन भट के जम्मू-कश्मीर की राजनीति में योगदान की सराहना करते हुए मीर ने कहा कि मैंने आज विशेष रूप से उन्हें आमंत्रित किया क्योंकि इस अवसर के लिए उनसे बेहतर कोई और नहीं हो सकता।
अपने संबोधन में भट ने मुहिम के मूल संदेश पर प्रकाश डाला और कहा कि ''वोट चोर, गद्दी छोड़'' केवल एक नारा नहीं है, बल्कि नैतिक राजनीति और जिम्मेदार नेतृत्व के लिए एक आह्वान है।