- सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन की ओर से राज्य सम्मेलन में शामिल हुए माकपा विधायक
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन जम्मू और कश्मीर की ओर से शनिवार को सातवें एक दिवसीय राज्य सम्मेलन का आयोजन श्रीनगर में किया गया। इस दाैरान एमवाई तारीगामी ने संबोधन में कहा कि सरकार बेरोजगारी और मजदूरों की असुरक्षा को दूर करे।
सम्मेलन में मजदूर वर्ग को आ रही विभिन्न समस्याओं और मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में सरकार की मजदूर विरोधी एवं जनता विरोधी नीतियों से लड़ने के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन की शुरुआत यूनियन के अध्यक्ष एम वाई तारीगामी की ओर से किए गए ध्वजारोहण से हुई। इस मौके पर सैकड़ों मजदूर लाल झंडों को लेकर मौजूद थे। सम्मेलन का आयोजन टैगोर हॉल में हुआ। किसानों और मजदूरों के हक के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोगों की याद में पुष्प अर्पित किए गए।
इस अवसर पर महासचिव जगदेश शर्मा जम्मू और कश्मीर ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। वहीं शोक प्रस्ताव मुज्जफर अहमद ने प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन में सीताराम येचुरी, वसुदेव आचार्य, कनाई बनर्जी, महारानी कोणार, एमएस स्वामीनाथन, राज कुमार ने इस्राइल द्वारा निर्दोष फिलिस्तीनियों की हत्या, दिल्ली के लाल किले के पास और श्रीनगर के नौगाम में बम धमाकों में जान गंवाने वालों को लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर यूनियन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीरा सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि मजदूर वर्ग, किसान और लोकतांत्रिक ताकतें मोदी सरकार के 2014 में केंद्र में सत्ता में आने के बाद से परेशान हैं। उन्होंने कहा मजदूरों के कड़ी मेहनत से अर्जित अधिकार जिनको 44 श्रम कानूनों के माध्यम से लागू किया जा सकता है, वह गारंटीशुदा ट्रेड यूनियन अधिकार, सामाजिक सुरक्षा कवरेज, तय कार्य समय, नौकरी की सुरक्षा आदि को 12 कानूनों को रद्द करके और 29 कानूनों को चार श्रम संहिताओं में बदलकर छीना जा रहा है।
सम्मेलन में श्रमिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष को तेज करने का निर्णय लिया और सरकार से बढ़ती असमानताओं और आर्थिक कठिनाइयों का समाधान करने का आग्रह किया। राज्य अध्यक्ष के रूप में एमवाई तारिगामी कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में ओम प्रकाश और महासचिव के रूप में जगदेश शर्मा के साथ राज्य समिति के 41 सदस्य सम्मेलन द्वारा सर्वसम्मति से निर्वाचित किए गए।