श्रीनगर सेंट्रल जेल में तनाव के चलते फाॅर्स तैनात
- फोटो : बासित जरगर
सेंट्रल जेल में कैदियों और जेल कर्मियों के बीच बृहस्पतिवार की रात को जमकर बवाल हुआ। इस दौरान कैदियों ने जेल की संपत्ति में आग लगाई। हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त जवानों को बुलाया गया। इसकी खबर फैलते ही श्रीनगर के पुराने शहर के इलाकों में तनावपूर्ण माहौल हो गया।
शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियों को सेंट्रल जेल भेजा गया। उन्होंने जेल के भीतर हालात पर काबू पाया। इसकी सूचना फैलते ही जेल के बाहर लोगों और कैदियों के परिजनों का जमावड़ा लग गया। हालात तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने उनको तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। घटना की जांच श्रीनगर के जिला उपायुक्त की अगुवाई में की जाएगी। सूत्रों के अनुसार सेंट्रल जेल में कैदियों ने उस समय हंगामा शुरू किया जब कुछ बैरकों के पुनर्निर्माण के चलते उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा था।
एक अधिकारी ने बताया कि कैदियों ने जेल की संपत्ति में तोड़फोड़ शुरू कर दी और मेस में आग लगा दी। सूत्रों ने बताया कि जेल परिसर में जोर के धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जो गैस सिलिंडरों के फटने की आवाज थी। मेस के अलावा दो बैरकों को भी आग के हवाले कर दिया गया। घायल दो कैदी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि हंगामे के दौरान कैदियों ने जेल के दरवाजे पर गैस सिलिंडर लगाकर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने बताया पुलिस ने घटना को लेकर हिंसा भड़काने, आगजनी और गैरकानूनी गतिविधियों की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को किया नजरबंद
हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर के पुराने शहर के कई इलाकों में पाबंदियां भी लगाई गईं। नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में भी नमाज नहीं पढ़ने दी गई और हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को भी घर में नजरबंद रखा गया। अफवाहों पर विराम लगाने के लिए श्रीनगर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई, जबकि कश्मीर के कुछ संवेदनशील इलाकों में मोबाइल इंटरनेट स्पीड घटा दी गई।