नवीद के भागने के बाद हटाए गए तत्कालीन जेल अधीक्षक एसके मिश्रा ने सीआईडी रिपोर्ट के जवाब में लिखा है कि उन्होंने पूर्व आईजी मुनीर खान और डीआईजी से जेल की तलाशी लेने को कई बार कहा, लेकिन तलाशी नहीं हो पाई। जेल में आधारभूत संरचना की कमी पर भी उन्होंने ऊंगली उठाई थी।
इससे कैदियों को अलग-अलग रखने का काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने लिखा है कि 300 कैदियों की सुरक्षा के लिए एक समय में मात्र 20 लोग होते हैं। इतनी कम संख्या में जेल में कठोर अनुशासन काफी मुश्किल भरा काम है। उन्होंने 150 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की मांग सेंट्रल जेल तथा अन्य जेलों की सुरक्षा के लिए की थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
पत्र में मिश्रा ने लिखा है कि राज्य के कानून विभाग को एडवोकेट जनरल तथा एडिशनल एडवोकेट जनरल को आदेश करना चाहिए कि वह कैदियों के स्थानांतरण पर लगी रोक को हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। साथ ही पेरोल पर रहे कैदियों के समर्पण के भी प्रयास हों।