फ्रूट ग्रोवर्स कम डीलर्ज एसोसिएशन ने कहा, उम्मीद बहुत थी पर मिला कुछ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर घाटी के फल उत्पादकों द्वारा हाल ही में विधानसभा में पेश किए गए बजट को लेकर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि इस बजट में हमें नजरअंदाज किया गया है। कश्मीर वैली फ्रूट ग्रोवर्स कम डीलर्ज एसोसिएशन (केवीएफजीडीयू) ने हाल ही में घोषित जम्मू-कश्मीर बजट पर निराशा जताते हुए कहा कि बजट लंबित मांगों को पूरा करने में विफल रहा है।
केवीएफजीडीयू के अध्यक्ष बशीर अहमद बशीर ने बताया कि बड़ी उम्मीदों के बावजूद बजट में फल उत्पादकों के लिए कुछ नहीं दिया गया है। बागवानी क्षेत्र के उत्थान के लिए कदम उठाने की मांग की थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। फसल बीमा, एमआईएस योजनाएं और केसीसी लोन जैसी उनकी प्रमुख मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया है।
उत्पादकों ने सभी जिलों में परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना, कार्डबोर्ड बॉक्स और कीटनाशकों पर जीएसटी से छूट और खादों की आसमान छूती कीमतों से राहत की भी मांग की थी। कुछ वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक उथल-पुथल का सामना किया है।इस कारण वित्तीय संकट का हवाला देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन की माफी की मांग की थी।
उन्होंने सरकार से सिंचाई सुविधाओं के लिए धन आवंटित करने, उच्च घनत्व वाले बागानों को बढ़ावा देने और चेरी जैसे जल्दी खराब होने वाले फलों को प्रमुख बाजारों तक सुचारू रूप से पहुंचाने का भी आग्रह किया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद फल उत्पादक बजट से निराश हैं।