- मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने खनन विभाग के कामकाज की समीक्षा की
- एकीकृत खनन निगरानी प्रणाली के माध्यम से प्रवर्तन तेज करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को खनन विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए एकीकृत खनन निगरानी प्रणाली (आईएमएसएस) के क्रियान्वयन और प्रदर्शन पर विशेष ध्यान देने को कहा। निर्देश दिया कि इस प्रणाली के माध्यम से उत्पन्न प्रत्येक ट्रिगर या अलर्ट का जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई के साथ पालन करेंं। प्रत्येक मामले में जवाबदेही तय करें और दोषी अधिकारियों एवं नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि उपायुक्तों को आईएमएसएस प्लेटफार्म तक पहुंच प्रदान की जाए ताकि वे अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों के विरुद्ध त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर सकें। उन्होंने आईएमएसएस विकसित करने और बैठक में लाइव प्रदर्शन करने के लिए बीआईएसएजी-एन टीम की सराहना की। प्रदेश में प्रमुख और लघु दोनों खनिज ब्लॉकों की खोज एवं संचालन का जायजा लेेते हुए उन्होंने राजस्व संग्रह बढ़ाने और ओएनजीसी के सहयोग से चल रही बायोगैस अन्वेषण परियोजनाओं की समीक्षा की।
खनन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अब तक आईएमएसएस के माध्यम से 114 ट्रिगर उत्पन्न किए गए हैं। इनमें से 29 ट्रिगर का क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया, जिससे 16 स्थानों पर अनधिकृत खनन गतिविधियों की पुष्टि हुई। बताया कि ऐसे सभी अलर्ट तत्काल सत्यापन और कार्रवाई के लिए संबंधित डीसी, एसएसपी और डीएमओ के साथ साझा किए जाते हैं। बताया कि आईएमएसएस पोर्टल को इसकी परिचालन दक्षता में सुधार के लिए ई-चालान और ई-मार्केट प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जा रहा है।
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220 करोेड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति की उम्मीद
बैठक में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में मौजूदा समय 48 चूना पत्थर ब्लॉक और 235 लघु खनिज ब्लॉक हैं, जिनमें से 207 पट्टे पर दिए जा चुके हैं। 98 चालू हैं, जिनसे लगभग 220 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है। बताया गया कि 79 ब्लॉक पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) की प्रतीक्षा में हैं, जबकि 30 संचालन की सहमति के चरण में हैं। मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में लिथियम, नीलम, लिग्नाइट, ग्रेनाइट, डोलोमाइट, ग्रेफाइट और जिप्सम सहित प्रमुख खनिज संसाधनों की चल रही खोज की भी समीक्षा की। सभी जिलों में एक मजबूत और समन्वित निगरानी तंत्र सुनिश्चित करने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) ढांचे के तहत नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।