केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने कहा कि 2014 से जब से यह सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आई है, तब से हमारा यह प्रयास रहा है कि हमारे नौजवानों को उनकी क्षमता और योग्यता के अनुसार रोजगार मिले और वे ज्यादा से ज्यादा देश की सेवाओं से जुड़ें।
श्रीनगर में सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो बॉर्डर के गांव होते हैं, वहां के नौजवानों की एक अहम भूमिका होती है, इसलिए हमने यह भी योजना बनाई है कि बॉर्डर क्षेत्रों के बच्चे भी फोर्सेज में आएं। उन्होंने कहा कि आज 8वां रोजगार मेला था। अभी हमने पांच लाख का आंकड़ा पार किया है। चूंकि सरकारी नौकरियों में सीमित अवसर होता है, इसलिए हम स्वरोजगार के लिए प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों के लिए ऐसी कोशिशें कर रहे हैं ताकि ऐसा माहौल बने, जिससे यहां लोग इन्वेस्टमेंट करें और उससे रोजगार पैदा हो। यह भी कोशिश है कि नौजवानों में जो स्किल है, उसके माध्यम से वे स्टार्टअप और मुद्रा लोन के द्वारा रोजगार खड़ा कर सकें।
कश्मीर में पिछले तीन दशकों से खराब हालातों के चलते यहां के नौजवानों को कम अवसर मिलने को लेकर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, मैं कल जब आया जो हमने कश्मीर का माहौल देखा वह मुझे देश के किसी हिस्से से अलग नहीं दिखा। जिस तरह से मैं दिल्ली या लखनऊ आदि में देखता था, वैसा ही माहौल यहां देखने को मिला। मैं दिन भर घूमने के बाद रात 10 बजे जब लौटा तब भी दुकानें खुली थीं। बच्चे बाहर घूम रहे थे। बुजुर्ग और महिलाएं भी दिखीं। इससे अंदर से मुझे बहुत खुशी हुई और लगा कि कश्मीर में बड़ा परिवर्तन आया है।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़ों में भी दिखता है। 2022 में एक करोड़ 88 लाख पर्यटन यहां आए और अभी साढ़े चार महीने में 80 लाख से ज्यादा पर्यटक आ चुके हैं। जी20 के माध्यम से जैसे पूरे देश और दुनिया में कश्मीर के लिए एक संदेश गया। उससे लगातार यहां रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। साथ ही सरकार की भी कोशिश है कि फरवरी 2021 में सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक योजना को भी यहां जम्मू कश्मीर में लांच किया है।
इसके माध्यम से आने वाले 4-5 सालों में जम्मू कश्मीर के 45 लाख लड़के-लड़कियों को रोज़गार मिलेगा। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार 66 हज़ार करोड़ का इन्वेस्टमेंट होने के प्रस्ताव हमें जम्मू कश्मीर के लिए मिले हैं। सरकार का पूरा फोकस है और यह धारा 370 के हटने के बाद बड़ा बदलाव सामने आया है।
2014 में जो चुनौतियां थीं, वे अब नहीं
जम्मू संभाग में आतंकवादी घटनाओं के बढ़ते परिदृश्य को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, देखिये अगर इन सारी चीज़ों को आप सस्टेनेबल तरीके से देखेंगे तो 2014 में जो हमारे पास चुनौतियां थीं, वह अब नहीं हैं। वे चाहे आतंकवादी घटनाओं की, आतंकवादियों के मारे जाने की या उनकी अरेस्टिंग की हों, उनमें धीरे धीरे संख्या काम होती जा रही है। यह इस चीज को दर्शाता है कि यहां पर आतंकवादी गतिविधियां कम हुई हैं और सरकार का पूरी तरह से नियंत्रण है।
उन्होंने कहा, मैं शहर के बाहर एक जगह खाना खाकर आया। उस शख्स ने भी इन्वेस्टमेंट की है, उसको भरोसा है सरकार पर और अपने सुरक्षाबलों पर कि अब वैसी घटनाएं नहीं होंगी। आप भी भरोसा रखिये, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के होते हुए कश्मीर में पूरी तरह से सुकून और शांति रहेगी। यहां के रहने वाले लोगों का जीवन बहुत अच्छा होगा। इसके लिए हमारे जरूरी प्रयास हमेशा चलते रहेंगे।
नीरज चोपड़ा के फिर गोल्ड जीतने पर जताई खुशी
वहीं ओलिंपियन नीरज चोपड़ा के एक बार फिर से गोल्ड जीतने को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि बहुत बधाई की बात है। बहुत अच्छा है। उन्होंने गोल्ड जीता है, हम सब लोग पूरे देशवासी खुश हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।