राजोरी शहर के वार्ड नंबर 13 स्थित श्री भक्ति ज्ञान आश्रम में वीरवार को श्रीमद्भागवत सप्ताह का शुभारंभ हुआ। इसमें साध्वी राधिका किशोरी (श्री वृंदावन धाम) ने कथा का वाचन किया। कथा के पहले दिन ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा रस में डूब गए और भक्ति तथा आध्यात्मिकता का दिव्य अनुभव किया।
साध्वी के मधुर वचनों और कथा अमृत ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण को सनातन धर्म का एक अमूल्य रत्न माना जाता है। यह ग्रंथ भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलाओं, उनकी करुणा और भक्ति की महिमा को दर्शाने वाला एक जीवंत संगम है, जिसमें धर्म, ज्ञान और वैराग्य का सार छिपा है।
साध्वी ने जोर देकर कहा कि भागवत कथा केवल एक ग्रंथ का वाचन मात्र नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन में सत्य, करुणा, भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोपियों के प्रेम, भक्त प्रहलाद की अटूट श्रद्धा और ध्रुव की तपस्या जैसे प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि परमात्मा केवल और केवल सच्ची भक्ति से ही प्रसन्न होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पवित्र कथा का श्रवण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं, पाप नष्ट होते हैं और आत्मा को शांति तथा आनंद की प्राप्ति होती है। यह कथा सांसारिक मोह से मुक्ति दिलाकर आत्मिक उन्नति की ओर ले जाती है। श्रीमद्भागवत कथा का यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक ऐसा आध्यात्मिक महोत्सव है जो मानव जीवन को दिव्यता और भक्ति की ओर प्रेरित करता है।