- पीडीपी अध्यक्ष ने कहा-मुफ्ती मोहम्मद सईद ने हमेशा किसानों का ध्यान रखा
श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस पर बागवानी क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) को लागू करने में सरकार की विफलता के कारण इस वर्ष की 99 फीसदी सी-ग्रेड सेब उपज बर्बाद हो गई है।
महबूबा ने कहा कि उनके दिवंगत पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद जम्मू-कश्मीर की आर्थिक नींव की दूरदर्शी समझ रखते थे और हमेशा फल उद्योग को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते थे। उन्होंने कहा कि बागवानी सात लाख से ज्यादा परिवारों का भरण-पोषण करती है और पांच से छह हजार करोड़ का वार्षिक राजस्व उत्पन्न करती है। जम्मू-कश्मीर के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 8-9 फीसदी का योगदान देती है।
एनसी सरकारों ने बागवानी को एक गौण विषय समझा। इस साल एमआईएस लागू करने में विफल रहने से, उन्होंने लगभग 99 फीसदी निम्न-श्रेणी के फलों के पूरे स्टॉक को सड़ने या बर्बाद होने दिया है। बार-बार राजमार्ग बंद होने, प्राकृतिक आपदाओं और बढ़ती लागत से पहले से ही जूझ रहे उत्पादक अब संकट के कगार पर पहुंच गए हैं। फल उत्पादक दान नहीं मांग रहे हैं। वे निष्पक्षता, एमआईएस की निरंतरता और बाजारों तक पहुंच की गारंटी चाहते हैं। महबूबा ने प्रशासन से एमआईएस को तुरंत पुनर्जीवित और विस्तारित करने, श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर ट्रकों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की।