जम्मू संभाग में इस साल आतंकवादी मामलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। हालांकि आतंकवाद से निपटने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा ग्रिड बनाए जाने की बात कही गई है। अकेले जून और जुलाई के महीने में ही आठ आतंकवादी वारदातें हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के शपथ लेने के दिन से शुरू हुआ आतंकी हमलों का सिलसिला अब भी जारी है। सुरक्षा को लेकर कई उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कुछ आतंकी अब भी सर का दर्द बने हुए हैं।
जम्मू संभाग की बात करें तो एक जनवरी से अब तक आतंकी हमलों में सेना के एक कैप्टन समेत 12 सुरक्षाकर्मी बलिदान हो गए हैं। इन हमलों में 10 नागरिकों की मौत हुई, जबकि 55 लोग घायल हो गए। इस दौरान पांच आतंकवादियों को मौत के घाट पर उतारा गया है।
इस साल हुई प्रमुख आतंकी वारदातें
- 15 जुलाई: डोडा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक अधिकारी समेत चार सैन्यकर्मी बलिदान हुए
- 8 जुलाई: कठुआ जिले में आतंकवादी हमले में पांच सैन्यकर्मी शहीद और इतने ही घायल हुए
- 7 जुलाई: राजोरी जिले में सुरक्षा चौकी पर आतंकवादी हमले में एक सैन्यकर्मी घायल
- 26 जून: डोडा जिले में मुठभेड़ में तीन विदेशी आतंकवादी मारे गए
- 12 जून: डोडा जिले में आतंकवादी हमले में एक पुलिसकर्मी घायल हुए
- 11/12 जून: कठुआ जिले में मुठभेड़ में दो विदेशी आतंकवादी मार गिराए। यहां एक सीआरपीएफ जवान बलिदान हुए। इसी दिन डोडा जिले में आतंकवादी हमले में पांच राष्ट्रीय राइफल्स के जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी घायल हुए
- 9 जून: रियासी जिले में एक बस पर आतंकवादी हमले में नौ तीर्थयात्री मारे गए और 42 घायल हो हुए
- 4 मई 2024: पुंछ जिले में आतंकवादी हमले में भारतीय वायुसेना का एक जवान बलिदान हो गए और पांच घायल हुए
- 28 अप्रैल: उधमपुर जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक ग्राम रक्षा गार्ड बलिदान हो गए
- 22 अप्रैल: राजोरी जिले में आतंकवादियों ने एक सरकारी कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी