राज्य स्तरीय अंतर डिवीजन (अंडर 19) खेल स्पर्धाओं के लिए घाटी में गए बाढ़ में फंसे खिलाड़ियों की वापसी के लिए अभिभावकों ने मंगलवार को सतवारी चौक बंद करके सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन पर उतरे बच्चों के घर वालों ने आरोप लगाए कि उन्हें वापस लाने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।
बच्चों से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। करीब आधा घंटा रास्ता रोकने से दोनों ओर से जाम लग गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से कहासुनी हुई। इससे पूर्व सुबह घंटों एयरफोर्स स्टेशन जम्मू के बाहर घर वाले अपनों के आने का इंतजार करते रहे। मंगलवार सुबह जैसे ही सूचना मिली कि एयरलिफ्ट करके बाढ़ प्रभावितों को श्रीनगर से जम्मू लाया जा रहा है तो बड़ी संख्या में लोग एयरफोर्स स्टेशन जम्मू के बाहर इकट्ठा हो गए।
इसमें दर्जनों ऐसे अभिभावक भी पहुंचे थे, जिन्हें श्रीनगर खेलने गए अपने बच्चों के लौटने का इंतजार था लेकिन एयरलिफ्ट होकर जैसे ही प्रभावित पहुंचे उनमें किसी खिलाड़ी के न आने से सभी निराश हो गए। कई अभिभावकों का रो-रोकर बुरा हाल था। राजेंद्र पाल ने बताया कि गत दिनों युवा सेवा एवं खेल विभाग की ओर से करीब 83 खिलाड़ियों को श्रीनगर विभिन्न खेल स्पर्धाओं के लिए भेजा गया था।
उन्हें गत दिवस लौट भी आना था लेकिन उनका कोई अता-पता नहीं है। इसी तरह मनमोहन सिंह, मंजीत सिंह आदि ने बताया कि अभिभावक कई दिनों से बच्चों की सलामती के लिए परेशान हैं लेकिन सरकार उन्हें वहां से निकालने के लिए कोई उचित प्रयास नहीं कर रही है।
विभागीय अधिकारियों को भी कोई जानकारी नहीं है। खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने मांग की कि विशेष बचाव अभियान चलाकर सभी खिलाड़ियों को जम्मू वापस लाया जाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सतवारी चौक पर रास्ता जाम कर दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेपकरने पर ही वे शांत हुए।