अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग रिसोर्ट गुलमर्ग में दो इंच ताजा बर्फबारी के कारण हिमस्खलन का खतरा बढ़ता देख मंगलवार सुबह अधिकारियों ने कंगडोरी की चोटियों पर जांच की। घने कोहरे ने भी एथलीटों के धैर्य की परीक्षा ली, जो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए उत्सुक थे। खेलो इंडिया विंटर गेम्स के तीसरे दिन पदक तालिका को लेकर सब स्पष्ट हो गया कि कौन सा राज्य या संगठन अधिकतम पदक जीतेगा। सोमवार तक शीर्ष दावेदार सेना, लद्दाख व महाराष्ट्र थे, लेकिन मंगलवार को निर्धारित पांच इवेंट ने गुलमर्ग में राष्ट्रीय खेल आयोजन में प्रतिस्पर्धा सभी के लिए खोल दी।
खेलों के धीरे-धीरे शुरू होने के साथ पदक तालिका की सुई सेना की ओर झुकनी शुरू हो गई, क्योंकि उनकी टीम ने पुरुषों की स्की रिले स्पर्धा में दबदबा बनाया और स्वर्ण पदक जीता। उत्तराखंड की टीम ने रजत पदक जीता, हिमाचल प्रदेश की टीम ने प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। कंगडोरी में आयोजित महिलाओं के लिए स्लैलम स्नोबोर्ड इवेंट में हिमाचल प्रदेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीता। महाराष्ट्र के खाते में कांस्य पदक आने से वह पदकों की हैट्रिक लगाने से चूक गया। पोडियम पर प्रीति ठाकुर को गोल्डन गर्ल और प्रकृति ठाकुर को सिल्वर गर्ल का खिताब मिला। दोनों हिमाचल की लड़कियां हैं, जबकि महाराष्ट्र की उर्मिला पाबले ने कांस्य पदक जीता। नॉर्डिक स्की स्प्रिंट महिलाओं में फिर से आईटीबीपी की कुसुम राणा का दबदबा रहा जिन्होंने दूसरा स्वर्ण पदक जीता। केडब्ल्यूआईजी की तीन बार की स्वर्ण पदक विजेता कर्नाटक की भवानी थेक्कड़ा ने रजत पदक हासिल किया। कांस्य पदक आईटीबीपी की सेल्मा सोरेंग ने जीता।
15 किमी नॉर्डिक स्प्रिंट की पुरुषों की स्पर्धा में सेना की ओर से सनी, स्टैनज़िन और थुपस्तान ने क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते। भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक विनीत कुमार ने कहा कि खराब मौसम की स्थिति के बावजूद खेलों को कुशलतापूर्वक और सुचारु रूप से आयोजित करने के लिए अद्भुत काम किया है।