आरएस पुरा। उप जिला आरएस पुरा में एक मात्र बाना सिंह स्टेडियम बदहाल होने से यहां के युवाओं को खेलने के लिए बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
लगभग तीन दशक पूर्व आरएस पुरा के सरकारी हायर सेकेंडरी व शेर-ए-कश्मीर विश्वविद्यालय के मध्य खेल मैदान बनाया गया। इसका नाम सेना में बहादुरी के लिए परमवीर चक्र पाने विजेता स्थानीय निवासी कैप्टन बाना सिंह स्टेडियम रखा गया लेकिन 18 साल के बाद भी यह मैदान बदहाल है। लगभग 20 कनाल भूमि पर लगे अमरूद के बाग को काटने के बाद मैदान बनने के साथ जहां के स्थानीय युवाओं को आस बंधी थी कि अब उनको भी अच्छा मैदान खेलने के लिए मिल पाएगा लेकिन आशा निराशा में बदल चुकी है। सीमांत क्षेत्र के कई युवा विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। यहां के कई युवक रणजी ट्रॉफी, नेशनल इंटर स्टेट और इंटर यूनिवर्सिटी तक खेल चुके हैं। आज ये युवा मैदान बेहतर हालत में नहीं होने पर अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। बाना सिंह स्टेडियम को बेहतर बनाए जाने के लिए कई बार स्थानीय नेताओं व राज्य सरकार के मंत्रियों को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। अब हालत यह है कि मैदान खेलने लायक नहीं रहा। कुछ समय पूर्व स्टेडियम में पानी की निकासी न होने पर मिट्टी डालने के साथ नाले का निर्माण करवाया गया था लेकिन इसके बावजूद मैदान उबड़-खाबड़ हालत में है।
मनदेव सिंह का कहना है कि आरएस पुरा के 200 से अधिक गांवों में मात्र एक ही मैदान है, वह भी बदहाल है। उन्होंने कहा कि सरकार को मैदान को समतल बनाए जाने के साथ क्रिकेट सहित दूसरे खेलों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया करवानी चाहिए। युवा राकेश कुमार ने कहा कि गत माह खेल मंत्री सतीश शर्मा ने बाना सिंह स्टेडियम का निरीक्षण किया था। उन्होंने मैदान को बेहतर बनाए जाने का वादा किया था लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया।
स्थानीय विधायक डॉ. नरेंद्र सिंह का कहना है कि बाना सिंह स्टेडियम की हालत में सुधार के लिए जम्मू कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल को प्रपोजल बनाकर भेजा गया है। शीघ्र यहां के युवाओं को खेलों के अभ्यास के लिए बेहतर मैदान मिलेगा।