प्रदेश में पहली बार स्कूली बच्चों का खेलों के प्रति रुझान और उनकी फिटनेस का आकलन किया जाएगा। भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) और प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग मिलकर बच्चों की फिटनेस जांच के साथ उसको बढ़ाने पर भी जोर देंगे। इसके लिए एक एप भी बनाया गया है। इसके माध्यम से फिटनेस टेस्ट होगा। इससे स्कूलों में मौजूद प्रतिभाओं को भविष्य के संभावित चैंपियन के रूप में तैयार करने में आसानी होगी और बच्चों में फिटनेस को लेकर जागरूकता आएगी। कोविड के बाद स्कूल खुलने के साथ इस मुहिम का कार्यान्वयन किया जाएगा।
वर्तमान में देश में ऐसा कोई डाटा या इंडेक्स नहीं है, जिसमें बच्चों के फिटनेस स्तर का आकलन किया जा सके। इस कारण प्रतिभाओं की पहचान करना थोड़ा मुश्किल होता है। इसको लेकर अब खेलो इंडिया देश भर के शिक्षा बोर्ड के साथ मिल कर प्रतिभाओं की फिटनेस स्तर का आकलन कर रही है।
इसके लिए स्कूली बच्चों के लिए खेलो इंडिया मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की गई है, इसकी मदद से बच्चों के फिटनेस स्तर का आकलन किया जा सकेगा। इस एप पर खेलो इंडिया के विभिन्न फिटनेस टेस्ट में बच्चों के प्रदर्शन का डाटा डाला जाएगा। इसमें पता चलेगा किस बच्चे में किस खेल के प्रति अधिक रुचि है। इसके बाद अच्छी फिटनेस वाले बच्चों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्कूल खुले तो फिजिकल, नहीं तो ऑनलाइन होगा प्रशिक्षण
खेलो इंडिया फिटनेस टेस्ट के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रहा है। वर्तमान में सीबीएसई, सीआईएससी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही जेके बोर्ड के शिक्षकों के भी सत्र आयोजित होगा। प्रदेश में आगामी महीने से अगर स्कूल खुलते हैं तो यह प्रशिक्षण फिजिकल दिया जाएगा, नहीं तो ऑनलाइन प्रशिक्षण होगा।
स्कूली बच्चों की फिटनेस जांचने के लिए विशेष रूप से खेलो इंडिया मोबाइल एप तैयार की गई है। इसमें खेलो इंडिया टेस्ट में बच्चों के प्रदर्शन का डाटा अपलोड कर उसके फिटनेस स्तर का आकलन किया जाएगा। स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही जेके बोर्ड के शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेंगे। -हरविंदर तनवार, क्षेत्रीय प्रबंधक, खेलो इंडिया