अब कामर्शियल वाहनों की तेज रफ्तार पर अंकुश लगाने की कवायद शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने वाहनों की गति पर अंकुश लगाने के लिए एलआरओ 50 (16 फरवरी 2016) जारी किया है।
सेंट्रल मोटल व्हीकल रूल 1989 के नियम 118 में केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने संशोधन किया है। केंद्रीय मंत्रालय के सुझाव के अनुसार सरकार ने एसआरओ जारी कर कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से एक्ट की धारा (4) के तहत जिन कामर्शियल वाहनों को शामिल किया गया है, उसमें नियमों का पालन किया जाए।
साथ ही जिन वाहनों ने अभी तक स्पीड गवर्नर नहीं लगाए हैं, वह एक अप्रैल 2016 तक स्पीड लिमिट डिवाइस लगा लगा लें। डिवाइस एआईएस स्टैंडर्ड की होनी चाहिए।
नियमों के अनुसार सामान ढोने वाले वाहनों की स्पीड 50 किमी प्रति घंटा और डंपर, टैंकर, स्कूल बस आदि वाहनों की स्पीड 60 किमी प्रति घंटा से स्पीड नहीं होनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ एक अप्रैल 2016 से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसके पहले वाहनों में स्पीड लिमिट डिवाइस लगाए जाएं।