भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से... चारों ओर सुरक्षा बलों के जवान ही जवान। रुक रुक कर बीच में गोलियां चलने की आवाज। सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ और जेएंडके पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप के कमांडो मोर्चे पर जाने के लिए तैयारी में। कुछ ऐसा मंजर जम्मू से लगभग 35 किलोमीटर दूर गांव कठार का रहा, जहां सीमा पार से आए आतंकी बंकर में शरण लेकर लगातार गोलाबारी करते रहे।
दिनभर की मशक्कत के बाद जब आतंकी बंकरों से नहीं निकले तो शाम को सेना ने दो ‘आक्रोश टैंक’ गांव में पहुंचाएं, जिन्हें देर रात ‘मिशन कठार’ में उपयोग किया जाएगा। सेना ने पूरा गांव खाली करवा दिया। गांव की पंचायत घर में सेना ने अस्थाई शिविर लगा लिया। बड़े-बड़े जेनरेटर लगाए गए हैं।
सुबह सबसे पहले मौके के पास से स्कूली बच्चे गुजरे। उन्हें नहीं पता था कि सेना की वर्दी में खड़े आठ-दस लोग उनके देश के जवान हैं या फिर दुश्मन। हालांकि आतंकियों ने इन बच्चों को कुछ नहीं कहा। पिंडी गांव के यह बच्चे रोजाना बंकर के पास से गांव आले स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने जाते हैं।