फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए जमीनी स्थिति जानने पहुंचे चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक

Fri, 15 Mar 2019 12:57 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • तीन सदस्यीय टीम घाटी पहुंची, आज जम्मू में राजनीतिक दलों से मुलाकात करेगी
  • पीडीपी, कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दल के नेताओं की मुलाकात
विज्ञापन
चुनाव आयोग की टीम - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए चुनाव आयोग की टीम दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को श्रीनगर पहुंची। टीम में शामिल तीन विशेष पर्यवेक्षकों ने राजनीतिक दलों के नुमाइंदों से बात करने के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी बात की। शुक्रवार को यह टीम जम्मू में स्थिति का आकलन करेगी। जम्मू में होटल रेडिसन ब्लू में यह बैठक आयोजित की गई है। 
विज्ञापन


दस मार्च को आयोग की तरफ से भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारियों विनोद जुत्शी व नूर मोहम्मद तथा भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी एएस गिल को जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। 

दो दिवसीय दौरे पर तीन सदस्यीय टीम एयरपोर्ट से सीधे ग्रांड ललित होटल पहुंची, जहां दिन भर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। कांग्रेस के ताज मोहियुद्दीन और उस्मान मजीद, भाजपा के आसिफ  मसूदी, बीएसपी के महासचिव मुश्ताक अहमद और कुलगाम के जिला अध्यक्ष मुश्ताक भट, पीडीपी के नेता और पूर्व विधायक मोहम्मद अशरफ मीर, अब्दुल हमीद कोशीन, इंजीनियर रशीद, पीपुल्स कांफ्रेंस के जुनेद मट्टू (मेयर- श्रीनगर) और अब्दुल गनी वकील ने मुलाकात की। 
विज्ञापन


पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट और जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक पार्टी नेशनलिस्ट के अलावा लगभग सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। नेकां ने वीरवार सुबह ही एक बयान जारी कर कहा था कि उनकी पार्टी का जो स्टैंड है उन्होंने पहले ही आयोग की टीम के सामने उनके दौरे के दौरान रख दिया था, इसलिए वह ऑब्जर्वर की टीम से नहीं मिलेंगे। 

कांग्रेस नेता ताज मोहियुद्दीन ने बताया कि उन्होंने अपनी राय टीम के सामने रखी। हमने उनसे कहा कि वे भले ही चुनाव मई में कराएं, लेकिन नोटिफिकेशन अभी जारी कर दें। उन्होंने कहा कि हमने यह भी कहा कि पहले चरण में तो अब संभव नहीं, लेकिन जिन जगहों पर करा सकते हैं उन जगहों के विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ कराने की कोशिश की जानी चाहिए।

सभी जिलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की
उन्होंने प्रशासनिक और सुरक्षा बलों के अधिकारियों से भी हालातों के बारे में जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार उन्होंने सभी जिलों के जिला उपायुक्तों और पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें