आने वाले वर्षों में जम्मू से श्रीनगर का सफर करीब पांच घंटे और नई दिल्ली से कटड़ा का सफर सात घंटे में पूरा कर सकेंगे। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को फोर लेन करने का काम 2018 में पूरा हो जाएगा।
वहीं नई दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस हाईवे की डीपीआर तैयार करने का काम जुलाई के मध्य में शुरू हो सकता है। रियासत में नेशनल हाईवे अथारिटी की चल रहीं और प्रस्तावित परियोजनाओं पर अथारिटी के क्षेत्रीय परियोजना निदेशक आरपी सिंह से संवाददाता संजीव दुबे से हुई बातचीत के पेश हैं मुख्य अंश...
11 छोटी-दो बड़ी टनल आकर्षण का केंद्र बनेंगी
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के फोरलेन का काम तेजी से जारी है। कुल मिलाकर इस हाईवे का काम 2018 में पूरा हो जाएगा। नेशनल हाईवे को आल वेदर बनाने में इससे मदद मिलेगी। हाईवे पर चिनैनी -नाशरी टनल 9.2 किलोमीटर लंबी है। यह साउथ एशिया की सबसे लंबी हाईवे टनल होगी। इसके अलावा काजीगुंड बनिहाल में भी 8.5 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जा रही है। नौ छोटी टनल भी हाईवे की यात्रा को मनोरम बनाएंगी।
15 अगस्त के बाद चिनैनी-नाशरी टनल का उद्घाटन
साउथ एशिया की सबसे लंबी हाईवे टनल चिनैनी-नाशरी का सिविल वर्क पूरा हो चुका है। अब टनल में वेंटिलेशन का काम चल रहा है, ताकि टनल के भीतर से हानिकारक गैसों को बाहर निकाला जा सके और शुद्ध हवा टनल में आ सके। यह काम जल्द पूरा हो जाएगा। टनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की योजना है। उम्मीद है कि 15 अगस्त के बाद ही प्रधानमंत्री से समय मिल पाएगा।
सीमांत इलाकों में दो रिंग रोड बनेंगी
रियासत के सीमांत इलाकों में दो रिंग रोड बनेंगी। जम्मू रिंग रोड राया मोड़ से शुरू होकर जगती तक 57 किलोमीटर लंबी होगी। इससे फायदा यह होगा की सेना या भारी भरकम ट्रकों और सीमांत लोगों को शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे सीमांत इलाकों में रोड नेटवर्क भी मजबूत होगा। इसी तरह कश्मीर में भी 60 किलोमीटर लंबी रिंग रोड बनेगी।