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Jammu News: श्रमिकों ने प्रधानमंत्री से साझा किया... कैसे बुने अपनों के लिए सपने

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टनल का उद्घाटन करने के बाद श्रमिकों से बात करते पीएम ।   -संवाद
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टनल के निर्माण में लगे श्रमिकों ने साझा किए अनुभव, बयां की सफलता की खुशी
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अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। बीते 49 महीने से टनल निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों की खुशी सोमवार को देखने लायक थी। श्रमिक टनल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी से रूबरू हुए तो उनके एक-एक शब्द में इस सफलता की खुशी साफ नजर आ रही थी। निर्माण कार्य के साथ वे अपने परिवार के लिए क्या-क्या सपने बुन रहे थे यह भी जुबान पर आ गया।

एक्सकेवेटर ऑपरेटर आजाद अहमद खान ने पीएम से कहा, मैं 4 साल से प्रोजेक्ट में काम कर रहा हूं। पहले भी रोड व हाइड्रो प्रोजेक्टों में काम कर चुका हूं। एक हेल्पर के पद पर काम शुरू करने के बाद मेहनत व लगन से ऑपरेटर बना हूं। मेरा छोटा बेटा 8 साल का है, वह आर्मी में जाना चाहता है। मैं उसका सपना पूरा करना चाहता हूं।
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पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले सिविल फोरमैन कुलदीप सिंह ने प्रधानमंत्री को बताया कि मैं शुरुआती दाैर से जुड़ा हूं। यहां काम करना चुनौती भरा रहा, लेकिन देश की महत्वपूर्ण परियोजना से जुड़े रहने का गर्व भी है। मेरा भाई भी इससे जुड़ा है। मेरी 10 साल की बेटी डॉक्टर बनना चाहती है, उसी के लिए बचत कर रहा हूं। निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे कुपवाड़ा के बिलाल हुसैन राणा ने कहा कि मैं 2 साल से प्रोजेक्ट में काम कर रहा हूं। इससे पहले मैं अवंतीपोरा के एनसीसी हॉस्पिटल में काम कर चुका हूं। मैं टनल निर्माण में सभी काम सीख कर फोरमैन बनना चाहता हूं। देश के विकास में अपना पूरा योगदान देना चाहता हूं।

बिहार के रहने वाले कंक्रीट ट्रक ड्राइवर मो. आफताब खान ने पीएम से कहा कि मैंने ज्यादातर पहाड़ी राज्यों में ही काम किया है। भूटान और उडी में भी काम कर चुका हूं। मैं कंक्रीट मिक्सचर ट्रक चलाता हूं, जोकि बहुत हैवी होते हैं। पहाड़ी इलाकों में इन्हें और भी सावधानी से चलाना पड़ता है और कंक्रीट सेट न हो इसलिए समय से पहुंचना भी पड़ता है। मेरा 16 साल का बेटा है, जो सिविल सर्वेंट बनना चाहता है, उसी के सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं।

सुरंग परियोजनाओं में काम कर खुश हूं : रियासी के इलेक्ट्रिशयन करेर सिंह ने कहा, मैं 2022 से इस परियोजना में काम कर रहा हूं। इससे पहले जम्मू-श्रीनगर-बारामुला रेलवे टनल में काम कर चूका हूं। सुरंग में हर वक्त अच्छी लाइट चाहिए होती है, ताकि काम करने में आसानी रहे। इलेक्ट्रीशियन का काम भी काफी जोखिम वाला होता है, इसलिए मैं सेफ्टी का खास ध्यान रखता हूं। मुश्किल भरे सुरंग प्रोजेक्टों में काम करने में खुशी होती है।



प्रधानमंत्री जीएम से बोले - हमें आप पर गर्व है

यह पल बहुत ही गर्व का था, भावुक कर देने वाला था जब पीएम जा रहे थे, मैंने जब हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया, उन्होंने भी उसी तरह जवाब दिया। इस बीच वहां खड़े श्रमिकों को देख पीएम उनके बीच चले आए और एक-एक से बात की। गर्व से भरे निर्माणकर्ता कंपनी के डायरेक्टर मनीष चतुर्वेदी ने ये बातें कही। बोले-हमारे जनरल मैनेजर ने पीएम से कहा, हमें आप पर गर्व है। पीएम हम सबसे मुखातिब हुए और बोले-हमें आप पर भी गर्व है।

गुजराती में ली चुटकी... हमारे ग्रुप में एक गुजराती श्रमिक भी है। उसने जब अभिवादन किया तो वे बोले- यहां भी चले आए। हमारे श्रमिक ने जवाब दिया कि आप देश चला रहे, हम तो टनल तक पहुंचे हैं।
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यज्ञ में आहुतियां देनी पड़ती हैं... मनीष बताते हैं कि श्रमिकों के बीच आकर पीएम ने आतंकी हमले में मारे गए उन सात साथियों का जिक्र किया। भावुक होकर बोले-अच्छे कामों के लिए यज्ञ में आहुतियां देनी पड़ जाती हैं। जो चले गए, यह टनल व देश उनका सदा आभारी रहेगा।
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