शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाने वाली सुदूरवर्ती गांवों की चौपाल रात भर रोशन रहेगी। जम्मू-कश्मीर इनर्जी डेवलपमेंट एजेेंसी (जेकेडा) ने रिमोट विलेज इलेक्ट्रिफिकेशन कार्यक्रम के तहत राज्य के दर्जनों गांवों और सैकड़ों मोहड़ों में यह सुविधा फरहाम करने की तैयारी कर ली है।
वर्तमान में यह इलाके बिजली से वंचित हैं और रात के अंधेरे में कई दिक्कतों का सामना करते हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटों को इससे पूर्व भी ऐसे गांवों में वितरित किया जाता है, लेकिन इस मर्तबा सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित करने की कवायद शुरू की जा रही है।
जल्द ही इस पर अमल भी शुरू कर दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर इनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के ऐसे 25 गांव और 263 मोहड़े चिह्नित किए गए हैं, जो बिजली न होने से खासी परेशानियों का सामना करते हैं।
इनमें कई इलाके सरहदी इलाकों से जुड़े हुए हैं। सोलर स्ट्रीट लाइटों पर नौ वाट क्षमता की लाइट लगेगी जो दिन में चार्ज होगी और रात भर रोशनी देगी। जेकेडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कुल तीन हजार लाइटें स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए शुरुआती कसरत को पूरा कर लिया गया है। जल्द ही अमल भी शुरू कर दिया जाएगा। सौर ऊर्जा की लाइटें ऐसे स्थानों पर लगाई जा रही हैं जो दिन भर सूरज की रोशनी से चार्ज हो सकें।