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सूर्यग्रहण के दौरान खुले रहे माता वैष्णो देवी के कपाट, आरती के समय में हुआ बदलाव

Thu, 26 Dec 2019 02:26 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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माता वैष्णो देवी दरबार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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आज इस साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगा। यह खंडग्रास सूर्यग्रहण था। ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में यह ग्रहण गुरुवार सुबह 8 बजकर 20 मिनट 28 सेकेंड से सुबह 10 बजकर 49 मिनट 5 सेकेंड तक दिखाई दिया। सूर्यग्रहण के कारण आज 12:30 तक मंदिरों के कपाट बंद रहे।
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बाबे वाली माता मंदिर के कपाट देर रात 8:15 पर बंद हो गए थे। कपाट दोपहर 12:30 बजे खुले। सुबह के समय मंदिर में भक्त दर्शन नहीं कर पाए। बावे वाली माता मंदिर के पुजारी बिट्टा ने बताया कि उन्होंने गुरुवार को पूजा अर्चना के बाद दोपहर 12:30 बजे मंदिर के कपाट खोले। 

वैष्णो देवी माता के दरबार में ग्रहण के दौरान नहीं बंद हुए कपाट 
उधर माता वैष्णो देवी के दरबार में कपाट नहीं बंद किए गए। इस दौरान लोग माता के दरबार में ग्रहण के दौरान भी दर्शन करते रहे। वहीं सुबह की आरती के समय में बदलाव किया गया। सुबह 06:30 बजे होने वाली आरती 11:30 बजे ग्रहण खत्म होने के बाद की गई। श्राइन बोर्ड सूत्रों के मुताबिक ग्रहण के दौरान माता के दरबार के कपाट कभी भी बंद नहीं किए जाते हैं। इस दौरान भी श्रद्धालु दर्शन करते रहते हैं। मगर आरती का समय बदल दिया जाता है। 
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हिंदू धर्म में सूतक लगने पर कई तरह के कार्यो को नहीं किया जाता है। क्योंकि सूतक की अवधि को अशुभ माना गया है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण समाप्ति के बाद कुछ उपाय बताए गए हैं जिनके माध्यम से व्यक्ति के ऊपर ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।

घर पर करें गंगाजल का छिड़काव
ग्रहण समाप्त होने पर घर पर गंगा जल का छिड़काव करें इससे घर में सूर्य ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाएगा। 

घर के मंदिर में रखी मूर्तियों को कराएं शुद्ध जल से स्नान
ग्रहण समाप्ति के बाद घर की मूर्तियों को गंगा जल से स्नान कराएं और देवी-देवताओं के समक्ष धूप-दीप, अगरबत्ती जलाएं।

ग्रहण समाप्ति के बाद करें शुद्ध भोजन
ग्रहण समाप्त होने पर ताजा भोजन करें। लेकिन सूतक काल के पहले तैयार भोजन को बर्बाद न करें, बल्कि उसमें तुलसी के पत्ते डालकर भोजन को शुद्ध करें।
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