जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही सभी पार्टियों ने अपने सोशल मीडिया लड़ाके मुस्तैद कर दिए हैं। चुनाव आयोग ने बेशक सोशल मीडिया के लिए एक गाइड लाइन तय की है, लेकिन पार्टियों और पार्टी नेताओं के नाम पर बने फैन क्लब और फेक आईडी के जरिये दूसरी पार्टियों की टांग खींचने का सिलसिला शबाब पर है। आलम यह है कि महिलाओं के नाम पर फेक आईडी बनाकर पार्टी कार्यकर्ता दूसरे लोगों के इनबाक्स में सेंध लगा रहे हैं।
आईटी सेल चाहे भाजपा का हो या कांग्रेस का, सभी ने वोटरों को लुभाने के लिए तरह-तरह के काम शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस की बात करें तो उसके पास प्रोफेशनल टीम का अभाव है। अलबत्ता, उसका हर विधानसभा क्षेत्र में एक सोशल मीडिया को-आर्डिनेटर तैनात है, जिसके नीचे करीब 50 युवाओं की टीम वालंटियर के तौर पर काम कर रही है।
यही टीम जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया को हैंडल करेगी। भाजपा के 300 से ज्यादा आनलाइन और आफलाइन वालंटियर हैं, जो इस चुनाव में सोशल मीडिया पर फोटो, वीडियो, ग्राफिक्स के जरिये प्रचार को अंजाम दे रहे हैं।
भाजपा के ‘झूठ’ को बेनकाब करना मकसद
"हमारा मकसद भाजपा के ‘झूठ’ को बेनकाब करना है। साथ ही पार्टी के मैनिफेस्टो को भी हम जीजान से प्रचारित करेंगे। न्यूनतम आय गारंटी योजना के बारे में जन-जन को बताना है।"-शाहनवाज चौधरी, कांग्रेस सोशल मीडिया इंचार्ज
दूसरी पार्टियों की तरह फेक काम की जरूरत नहीं
"हमारी पार्टी को दूसरी पार्टियों की तरह फेक फोटो या वीडियो चलाने की जरूरत नहीं। हमारा अपना प्रोफेशनल नेटवर्क है। उपलब्धियां बताने के लिए बहुत हैं। किसी पर निशाने की जरूरत नहीं।"-जयदेव, आईटी इंचार्ज, भाजपा