प्रदेश सरकार ने सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। यह केंद्र शासित प्रदेश में सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति से जुड़े मुद्दों को देखेगा। जस्टिस (रिटायर्ड) जीडी शर्मा को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही रूप लाल भारती (सेवानिवृत्त आईएफएस) और मुनीर अहमद खान को आयोग का सदस्य बनाया गया है।
कानून, न्याय व संसदीय कार्य विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आयोग सूची से विभिन्न जातियों व जनजातियों को शामिल करने, उन्हें निकालने के बारे में अपनी रिपोर्ट देगी। यह रिपोर्ट दो साल में देनी होगी जिसका परीक्षण कर उसे केंद्र सरकार के समक्ष भेजा जाएगा। हालांकि, इस संबंध में अंतरिम रिपोर्ट तीन महीने या 30 जून तक देनी होगी।
सरकारी भर्ती में आरक्षण का भी परीक्षण करेगा आयोग
आयोग वर्तमान सामाजिक व शैक्षिक पिछड़ों की सूची का परीक्षण करेगा और इसमें अन्य वर्गों को शामिल करने के संबंध में सिफारिश करेगा। आयोग विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण का परीक्षण करेगा।
आयोग केंद्र शासित प्रदेश सरकार को एक रिपोर्ट देगा जिसमें विभिन्न सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग का वर्गीकरण होगा। इसके साथ ही अनुसूचित जाति व जनजाति से जुड़े जम्मू-कश्मीर अनुसूचित जाति आदेश 1956 व जम्मू-कश्मीर अनुसूचित जनजाति आदेश 1989 का भी परीक्षण करेगा।