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Jammu News: सांबा जिले में बारिश और बाढ़ से अब तक 600 हेक्टेयर फसल नष्ट

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सांबा। जिले में बारिश और बाढ़ के कारण अभी तक लगभग 600 हेक्टेयर फसल नष्ट हो चुकी है। कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम फसलों के नुकसान के सर्वेक्षण कार्य में जुटी हुई हैं। कृषि विभाग के अनुसार जिले में फसलों के नुकसान का आंकड़ा 800 से 900 हेक्टेयर तक पहुंच सकता है।
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बारिश और बाढ़ से जिले के सीमावर्ती इलाके के बैनगलाड़, सुंजवां, कौलपुर, रंगूर के अलावा पहाड़ी इलाका सुंब, नड्ड और पुरमंडल सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना कि उनकी धान, मक्की, दाल और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान तारी सिंह, मदन लाल, शेर अली, बनारसी दास और अशोक सिंह ने कहा कि सरकार और प्रशासन द्वारा अभी आंकलन का कार्य ही चल रहा है जबकि लोगों के घर और खेतों को भारी क्षति पहुंची है।
किसानों का कहना है की बारिश और बाढ़ से उनके खेतों में लगी फैसले या तो पूरी तरह से डूब गई या बह गई। सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया। केंद्रीय टीमें भी सिर्फ इलाकों का दौरा कर लौट गई लेकिन अभी किसानों के लिए मुआवज़े और राहत से जुड़ी कोई खबर सुनने को नहीं मिली है। किसानों ने मांग की है कि केसीसी के तहत लिए गए कर्ज माफ़ कर किसानों को जल्द राहत और मुआवजा प्रदान किया जाए।
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मुख्य कृषि अधिकारी सांबा राकेश खजूरिया ने कहा कि कृषि और राजस्व विभाग की टीमें गांव गांव जाकर किसानों की बर्बाद हुई फसलों का आकलन कर रही हैं। अभी तक भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार लगभग 603 हेक्टेयर फसल के नुकसान का आकलन हो पाया है। अभी तक के सर्वेक्षण के अनुसार धान की लगभग 300 हेक्टेयर, मक्की की 150-200 हेक्टेयर और 100 हेक्टेयर अन्य फसले नष्ट हुई हैं। सांबा जिले सीमावर्ती रामगढ, सुंब, नड्ड और पुरमंडल समेत कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। फसल बीमा योजना के तहत लोग 12 सितंबर तक अपनी फसल के नुकसान का ब्योरा दर्ज करा सकते हैं। किसानों को फसल बीमा योजना और एसडीआरएफ के तहत जल्द मुआवजा मिल सके इसके लिए आकलन रिपोर्ट उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी रही है। संवाद
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