रामबन के मिहार इलाके में पहाड़ के 200 मीटर लंबे हिस्से के खिसकने से बंद जम्मू-श्रीनगर हाईवे बुधवार को एकतरफा बहाल हो गया। जम्मू से श्रीनगर के लिए करीब छह हजार छोटे बड़े वाहनों को रवाना किया गया।
साफ मौसम में भी रामबन-बनिहाल के बीच फोरलेन निर्माण कार्य और खराब मौसम चुनौती बना हुआ है। इस बीच श्रीनगर सहित घाटी के कई इलाकों में दिनभर बारिश होती रही। कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई है। उधमपुर जिले के चिनैनी क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। जम्मू में भी फुहार हुई। जिले की पर्वतीय चोटियों पर मार्च माह के पहले दिन बर्फबारी हुई। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार अगले चौबीस घंटों में राज्य के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
पर्यटक स्थल नत्थाटाप में सफेद चादर बिछी। भद्रवाह और किश्तवाड़ में दिनभर बारिश होती रही। जिले के पर्वतीय इलाकों में हिमपात हुआ। मौसम के बदले मिजाज से राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन का पारा सामान्य से 5-6 डिग्री नीचे लुढ़क गया है।
डीएसपी ट्रैफिक हाईवे तिलक राज शर्मा के अनुसार बुधवार को जम्मू से श्रीनगर के लिए 3900 यात्री और 1800 ट्रकों को छोड़ा गया। हाईवे पर जाम से निपटने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। हाईवे गत सोमवार की रात आठ बजे से बंद था। कुपवाड़ा जिला प्रशासन ने दो मार्च शाम पांच बजे तक केरन, करनाह, मचैल, टंगधार, बुदनामल, जुमगुंड नौगाम, कुमकाडी और करालपोरा के ऊपरी इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।