जम्मू-कश्मीर में ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के चलते नदियों में जल स्तर में गिरावट आने से रियासत की हाइड्रो परियोजनाओं में उत्पादन में गिरावट का सिलसिला बढ़ गया है। राज्य के अलावा केंद्रीय सेक्टर की परियोजनाएं प्रभावित हुई है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिनाब दरिया में जल स्तर कम हो गया हैं। इससे राज्य की अपनी सबसे बड़ी परियोजना बगलिहार एक और दो प्रभावित हुई है। इन दोनों परियोजनाओं की क्षमता 900 मेगावाट बिजली उत्पादन की है। इनमें से करीब चालीस फीसदी कम उत्पादन हो पा रहा है। इसी तरह केंद्रीय सेक्टर के तहत सलाल पन बिजली परियोजना के अलावा उड़ी और डु़लहस्ती परियोजना पर प्रभाव पड़ा है।
आगामी महीनों बर्फबारी का सिलसिला ओर तेज होने व ठंड बढ़ने से पन बिजली परियोजनाओं में उत्पादन में ओर गिरावट आने की आशंका है। ऐसे में फिलहाल तो जम्मू शहर व इसके आसपास के इलाकों में बिजली कटौती का ज्यादा असर नहीं है लेकिन हाइड्रो प्रोजेक्ट में उत्पादन गिरने का असर आगामी दिनों में दिख सकता है। ऐसे में बिजली विभाग बिजली की मांग और उपलब्धता में अंतर को देखते हुए बिजली कटौती कर सकती है।