जम्मू। नेशनल हाइवे पर पशु तस्करी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रही है। एक तरफ पुलिस के सामने ट्रकों में छुपकर जाने वाले आतंकियों पर नजर रखने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ बड़े स्तर पर पशुओं की तस्करी को रोकना भी सिरदर्द बन गया है। पशु तस्करों ने तस्करी इतनी तेज कर दी है कि पुलिस को 24 घंटे नाके पर हाजिरी देनी पड़ रही है।
पिछले दस दिनों पर नजर डालें तो आंकड़े बताते हैं कि किस कदर पशु तस्करी पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। 16 फरवरी को नगरोटा और झज्जर कोटली पुलिस स्टेशन में 5 तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। 30 मवेशियों को छुड़ाया गया, 6 वाहन जब्त किए गए। 19 फरवरी को नगरोटा पुलिस ने 30 मवेशियों को छुड़ाया, 7 वाहन जब्त कर लिए और 6 लोग गिरफ्तार किए। 26 फरवरी को नगरोटा और झज्जर कोटली पुलिस ने 5 एफआईआर लगाते हुए 5 तस्करों को गिरफ्तार किया, 29 मवेशी छुड़ाए, 5 वाहन जब्त किए। 27 फरवरी को नगरोटा और झज्जर कोटली पुलिस पे 36 मवेशियों को छुड़ाया, 9 वाहनों को जब्त किया, 8 आरोपी दबोेचे गए और 7 एफआईआर दर्ज की गई। नगरोटा और झज्जर कोटली के एसडीपीओ मोहन लाल का कहना है कि तस्करों पर नजर रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चुनौती बेशक है, लेकिन पुलिस इससे निपटने में सक्षम है।
नई तरकीबें निकाल रहे तस्कर
तस्करों द्वारा बाहरी राज्यों के नंबरों के ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, बड़े कंटेनरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ट्रकों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। कश्मीर में हर रोज 3 से 4 हजार ट्रकों का आना जाना होता है, जिसमें हर ट्रक की चेकिंग करना पुलिस के लिए चुनौती है। पुलिस के लिए यह चुनौती है कि किस ट्रक में तस्कर होंगे और किस में कोई आतंकी छुपकर जा रहा है।