मेंढर के बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास मंगलवार को पुलिस ने 300 ग्राम हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। तस्कर के खिलाफ मेंढर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। तस्कर की पहचान महमूद अहमद निवासी डब्बी गांव के रूप में हुई है। कुछ दिन पहले इसी गांव से आतंकियों के तीन मददगारों को गिरफ्तार किए गए थे।
जानकारी के अनुसार मेंढर पुलिस ने एसडीपीओ जाहिर जाफरी की अगुवाई में बालाकोट में नियंत्रण रेखा पर तैनात सेना द्वारा फेंसिंग के आगे स्थित गांव डब्बी से एक व्यक्ति को दबोच लिया। उसके पास से करीब 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। एसडीपीओ जाहिर हुसैन जाफरी का कहना है कि नियंत्रण रेखा पर स्थित गांव डब्बी निवासी एक व्यक्ति को शक के आधार पर पकड़ा था। पूछताछ के दौरान उसने ड्रग्स तस्करी की बात कबूली है।
उसकी निशानदेही पर उसके घर के पास से उपरोक्त नशीला पदार्थ बरामद किया गया। इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह केवल नियंत्रण रेखा के आरपार ड्रग्स तस्करी का मामला है या आतंकवाद से जुड़ा केस है। बालाकोट के डब्बी क्षेत्र से पहले भी सुरक्षा बलों ने आतंकियों के तीन मददगारों को दबोचा था। उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद और आतंकी संगठनों के पोस्टर, झंडे आदि बरामद किए गए थे।
वहीं इससे पहले बालाकोट में ही नियंत्रण रेखा के पास मदरसा चलाने वाले एक तस्कर से करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद हुई थी। जम्मू पुलिस ने पुख्ता सूचना के आधार पर पुंछ के मेंढर में हेरोइन बरामद की थी। तस्कर ने इसे नियंत्रण रेखा के पास बनी फेंसिंग के आगे अपने घर के पास इसे छुपाकर रखा हुआ था. जम्मू की सिटी पुलिस ने मेंढर पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की थी। मौलवी का नाम मोहम्मद अल्ताफ है। वह पेशे से तो मौलवी हैं, लेकिन हेरोइन का क्रास बार्डर तस्कर है।