जम्मू शहर के महाराजा गुलाब सिंह अस्पताल (एसएमजीएस) में जल्द बिजली कटौती की बीमारी का इलाज होने जा रहा है। मरीजों, तीमारदारों के साथ-साथ स्टाफ को गर्मी से निजात मिलने वाली है। इसके अलावा बिजली का बिल शून्य आने की उम्मीद है।
फिलहाल अभी भीषण गर्मी में अघोषित कट के कारण मरीजों के साथ आए परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि अस्पताल परिसर में जेनरेटर की सुविधा है, पर लंबे बिजली कट लगने के कारण महीने में यह करीब पांच लाख रुपये का तेल फूंक रहा है। यही नहीं, बिजली का बिल भी 20 लाख रुपये हर महीने आता है।
ऐसे में 25 लाख का खर्च बचाने के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 190 किलो वॉट के सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। इसके लिए मार्च में सामान तक आ चुका है। 79 लाख के प्रोजेक्ट पर काम अगस्त में शुरू होने की संभावना है। अगर सब कुछ सही रहा तो काम पूरा होने के बाद अगले साल के गर्मी के सीजन में अस्पताल प्रशासन को लाभ मिलना तय है।
सितंबर में सुविधा मिलने की आस
आला अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों में सबसे ज्यादा समस्या बिजली कट की है, जिससे वेंटीलेटर सेवा पर असर पड़ता है। इसे देखते हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अस्पताल की छत पर 190 किलो वॉट के सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे पूरे परिसर में सप्लाई दी जाएगी। 79 लाख की परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है। सितंबर में खुद की बिजली की सुविधा मिलने की उम्मीद है। अस्पताल में लगभग 750 बेड और अन्य विभाग है, ऐसे में यह प्रोजेक्ट न केवल परेशानियां दूर कर सकता है बल्कि बिजली बचत में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
अस्पताल की छत बड़ी है, जिस पर बड़े सोलर पैनल लग सकते हैं। बिजली का उत्पादन होने से खर्च कुछ हद तक कम हो जाएंगे और बिजली कट की चिंता नहीं होगी। मरीजों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
- डॉ. दारा सिंह, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, एसएमजीएस।
यह प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी का है, जिसकी लागत लगभग 79 लाख रुपए आएगी। सरकारी अस्पताल के अलावा और भी कई स्थानों पर सोलर पैनल लगाने का काम कर रहे हैं।
-राहुल राठौड़, एई, जेकेडा।