मुख्य सचिव अटल डुल्लू। स्रोत प्रशासन
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श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि नागरिक केंद्रित सेवा ‘पहल’ तक जनता की पहुंच को सरल व सहज बनाने की जरूरत है। समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि कानूनी सेवा वितरण में पारदर्शिता, पहुंच और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों की कानूनी सहायता और सलाह जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाने की अपार संभावनाएं हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म कानूनी सशक्तिकरण, समावेशी शासन और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है। इसमें देश के अन्य क्षेत्रों के लिए एक आदर्श के रूप में काम करने की क्षमता है।
विधि, न्याय एवं संसदीय कार्य सचिव अचल सेठी ने वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन दोनों से युक्त डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के विकास पर एक विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य सचिव ने चल रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवाओं के शीघ्र शुभारंभ की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने समावेशिता के महत्व पर ज़ोर देते हुए विभाग को कानूनी विशेषज्ञों, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करने और सेवाओं को सभी हितधारकों के लिए अधिक व्यापक और लाभकारी बनाने के लिए उनके सुझावों को शामिल करने का निर्देश दिया। बताया कि
नागरिक केंद्रित सेवा पहल में कानूनी सेवाओं तक जनता की पहुंच को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए दस एकीकृत मॉड्यूल शामिल हैं।
यह पोर्टल विधायकों, विधायी कार्यों का विवरण भी प्रदान करता है और मसौदा कानूनों पर जनता की प्रतिक्रिया प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। इसके अतिरिक्त, यह इच्छुक कानूनी पेशेवरों के लिए कानूनी शिक्षा मार्गदर्शन और करियर सहायता, बुनियादी कानूनी सहायता के लिए एक एआई-संचालित चैटबॉट और एक शिकायत निवारण और प्रतिक्रिया तंत्र प्रदान करता है। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. पीयूष सिंगला, जेकेईजीए की सीईओ महिमा मदान आदि लोग माैजूद रहे।