इससे पहले जब पिछले साल झज्जर कोटली में तीन आतंकी मारे गए थे। तब पुलिस ने तीन से चार लोगों को दबोचा था। इनसे पूछताछ में पता चला था कि वह कठुआ के हीरानगर से घुसपैठ करते थे। पिछले तीन साल में उक्त क्षेत्र से 40 से 50 आतंकी हीरानगर के जरिये कश्मीर तक पहुंचे।
यह खुलासा इस मामले की जांच करने वाली एनआईए ने किया था। अभी तीन माह पहले ही जम्मू के कालूचक सैन्य कैंप की वीडियो बनाते दो ओवर ग्राउंड वर्कर दबोचे गए। इनसे पूछताछ होने के बाद इनके साथ काम करने वाले कठुआ और उधमपुर के ओवर ग्राउंड वर्कर पकड़े गए।
इनके पकड़े जाने से खुलासा हुआ कि यह लोग पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ सैन्य ठिकानों पर हमला करने की साजिश रच रहे थे। कुल मिलाकर जैश के आतंकी जम्मू में आतंकियों के नेटवर्क का बड़ा खुलासा कर सकते हैं।