भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना के सियालकोट में सेना की छावनी का स्थान बदल दिया है।
बताया जाता है कि इसे खाली कराकर सेना को दूसरे स्थानों पर भेज दिया गया है। सेना की इसी छावनी में आईएसआई का कार्यालय है।
वहां पर घुसपैठ करवाए जाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त आतंकियों को भी रखा जाता रहा है। पाकिस्तान को भय है कि भारतीय सेना की कार्रवाई में उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
युद्ध में सियालकोट तक पहुंच गई थी भारतीय सेना
Indian Army
- फोटो : File Photo
खुफिया तंत्र के अधिकारियों का कहना है कि सियालकोट क्षेत्र में पाकिस्तान के दो सेना की ब्रिगेड हैं। एक ब्रिगेड में घुसपैठ के लिए आतंकियों को रखा जाता है। अब बदले हालतों के बाद पाकिस्तान की सेना और सरकार पहले अपनी सुरक्षा मजबूत कर रही है।
युद्ध के दौरान भारतीय सेना से सियालकोट सेक्टर तक पहुंचने में कामयाब रही है, जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। गुप्तचर विभाग व प्रशासन की और से ऐसे लोगों पर भी नजर रखी जा रही है जो पाक क्षेत्र के तस्करों के साथ मिलकर तस्करी करते हुए पकडे़ जा चुके हैं। इस समय सीमा पर तनाव के बाद प्रशासन कड़ी नजर रखे है।
पाकिस्तान ने खाली कराए बॉर्डर के 300 से ज्यादा गांव
भारतीय सेना
- फोटो : File Photo
वहीं एलओसी पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद खौफजदा पाकिस्तान ने बार्डर के लगभग 300 गांव खाली करा दिए हैं। यह भारतीय सेना की संभावित कार्रवाई के डर के साथ-साथ जंग की तैयारी भी है।
बार्डर पर पाकिस्तानी रेंजरों की जगह पाक सेना ने मोर्चाबंदी कर ली है। बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने भारत के अब्दुलियां गांव से लेकर सुचेतगढ़ तक चार अतिरिक्त ब्रिगेड तैनात की हैं।
बार्डर की एक अंतिम अग्रिम पोस्ट से रात की ड्यूटी कर कैंप में लौट रहे एक बीएसएफ जवान ने अमर उजाला को बताया कि बीएसएफ के सभी कैंपों पर बार्बर और वाशरमैन रात में पहरे पर लगा दिए गए हैं और एक-एक जवान की तैनाती फारवर्ड पोस्ट पर की गई है। भारत की ओर से अभी बार्डर पर सेना की तैनाती नहीं की गई है।