जांच एजेंसी को जानकारी मिली थी कि इनमें से कुछ लोग आतंकियों और उनके मददगारों को गलत तरीके से सिम कार्ड और मोबाइल उपलब्ध करवा रहे हैं। इसकी जांच के लिए एसआईए की अलग-अलग टीमें ने शनिवार सुबह से ही पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के साथ कई जगहों पर कार्रवाई की।
प्रदेश के कई जिलों में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) की टीम ने कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि कश्मीर में बड़े पैमाने पर टीम ने कई जगहों पर दबिश दी। कुछ लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों से कई दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई देशविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को मदद पहुंचाने के मामले में की गई है।
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जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें अधिकांश कश्मीर में मोबाइल फोन व सिम कार्ड बेचने का काम करते हैं। जांच एजेंसी को इस बात की जानकारी मिली थी कि इनमें से कुछ लोग आतंकियों और उनके मददगारों को गलत तरीके से सिम कार्ड और मोबाइल उपलब्ध करवाते थे।
इसकी जांच के लिए एसआईए की अलग-अलग टीमें ने शनिवार सुबह से ही पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के साथ कई जगहों पर कार्रवाई की। इससे पहले 11 अप्रैल को आतंकी फंडिंग मामले में एसआईए ने अनंतनाग समेत दिल्ली और हरियाणा में छापेमारी की।
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टीमों ने दिल्ली में तीन जगहों, हरियाणा के फरीदाबाद में एक और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में दो जगहों पर तलाशी ली। कार्रवाई में दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमें भी साथ रहीं थी। सूत्रों के अनुसार छापेमारी कुछ वकीलों के आवासों पर हुई है, जिनको पाकिस्तान से लश्कर-ए ताइबा के जरिए फंड आता है।
हाल ही में एसआईए ने श्रीनगर में आतंकी फंडिंग को लेकर केस दर्ज किया था। यह पता चला था कि आतंकी संगठन लश्कर पैसा जुटाकर भारत भेज रहा था, जिससे जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी और अलगाववादी नेटवर्क, उनके कार्यक्रमों व गतिविधियों को चलाया जा सके।