पशु तस्करी के आरोप में बहुसंख्यक समुदाय के युवक के साथ मारपीट करने का मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा। मामले में अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बहुसंख्यक समुदाय ने शनिवार को शहर बंद रखा। शहर के गुज्जर मंडी, ऐहती, खेवरा, बडून, ढांगरी, पलमा नगरोटा व मुख्य बाजार में बंद का खासा असर देखने को मिला।
दरअसल कुछ दिनों पहले अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों ने बहुसंख्यक समुदाय के एक युवक को पशु तस्करी के आरोप में पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था।
मामले में बहुसंख्यक समुदाय के लोगों का कहना था कि युवक अपने पशुओं को वाहन पर ले जा रहा था। जिस पर अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों ने पशु तस्कीर के झूठे आरोप में उसके साथ मारपीट की।
इसके साथ ही उन्होंने जल्द से जल्द अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों की गिरफ्तारी की मांग की थी। वहीं मामले में अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों का कहना था कि युवक पशु तस्करी में लिप्त है। इस बात के उनके पास पुख्ता सबूत है।
शनिवार को शहर के जामा मस्जिद के खतीब मौलाना गुलाम रसूल ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि मामले में कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों पर कार्रवाई नहीं कर रही। जिसकी वजह से उन्हें बंद का ऐलान कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। अगर पुलिस ने मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की तो उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सड़कों पर टायर जलाकर रास्त बंद रखा। इस दौरान प्रशासन ने शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। जिसकी वजह से कोई हिंसक घटना नहीं घटी।
वहीं दूसरी ओर बंद के चलते कई प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी रही तो वहीं सड़कों पर वाहनों की कमी के चलते मुसाफिरों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।