प्राकृतिक विपदा के बाद लगभग पूरी तरह से नेस्तनाबूद हो चुके रियासी विधानसभा क्षेत्र के दो गांव सद्दल और सेरी को श्राइन बोर्ड प्रशासन गोद ले सकता है। इस सिलसिले में श्राइन बोर्ड के सीईओ डॉ. मंदीप भंडारी तीन दिन में दोनों गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। दरअसल, इन दोनों गांवों के पीड़ितों को पुनर्वास करवाने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ से मुलाकात की।
इस पर सीईओ ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। दरअसल, सोमवार को धर्मनगरी के लोगों ने सद्दल गांव में आपदा पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री और राशन बांटा। वहां की बदतर स्थिति को देखते हुए धर्मनगरी के लोगों ने तत्काल प्रभाव से पीड़ितों के लिए आवास की जरूरत महसूस की।
इसलिए मंगलवार को एमएलसी जुगल किशोर शर्मा के नेतृत्व में कटड़ा निवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने श्राइन बोर्ड के सीईओ डॉ. मंदीप भंडारी से मुलाकात की और उन्हें सारी स्थिति से अवगत करवाते हुए रियासी विधानसभा क्षेत्र के सद्दल और सेरी गांव के पीड़ितों को पुनर्वास करवाने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि सद्दल गांव में 127 और सेरी में 41 परिवार भुखमरी के कगार पर है। सिर छुपाने के लिए छत नहीं है। धर्मनगरी के लोग मिलकर पीड़ितों के लिए कुछ समय तक राशन तो उपलब्ध करवा सकते हैं, लेकिन उन्हें स्थायी तौर पर आवास की सख्त जरूरत है। श्राइन बोर्ड इन गांवों को पुनर्वास करवाने में सक्षम है, लिहाजा दोनों गांवों को गोद लेना चाहिए।
योजनाबद्ध काम करेगा श्राइन बोर्ड
श्राइन बोर्ड के सीईओ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह तीन दिन के अंदर दोनों क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। मौके पर ही पीड़ितों के आवास के लिए उचित कदम उठाएंगे। टीन की छतें जल्द ही उपलब्ध करवा देंगे। उन्होंने कहा कि वह इस बात से अवगत हैं कि प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। इसलिए इन गांवों के पीड़ितों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए श्राइन बोर्ड द्वारा योजनाबद्ध कार्य किया जाएगा। उनके रोजगार के लिए भी उचित कदम उठाया जाएगा।