श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने छात्र-छात्राओं को नई शुरुआत के लिए बधाई दी। कहा कि यह दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री मिलने का दिन नहीं, यह समर्पण का दिन है। न जाने कितनी रात आपने आंखों में गुजारी होगी और आज सफल होकर यहां मौजूद हैं। माता-पिता, शिक्षक और मेंटॉर के त्याग और प्रोत्साहन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
आपकी सफलता में इनकी बड़ी भूमिका है। उमर ने कहा कि सीखना बंद करते ही बढ़ना बंद हो जाएगा। रिजेक्शन से घबराएं नहीं, धैर्य व साहस से काम लें। यह सौभाग्य की बात है कि हम लोग माता वैष्णो देवी के नाम पर बने इस विश्वविद्यालय का हिस्सा हैं। त्रिकुटा पर्व तक की माता वैष्णो की यात्रा धैर्य और साहस का प्रतीक है। यहां मौजूद छात्र-छात्राओं से मैं कहना चाहूंगा कि जीवन में सफलता के लिए उन्हें भी वही धैर्य व साहस की जरूरत पड़ेगी। अपनी जड़ों से जुड़े रहें और दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करें।
अब आप जिस दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, वहां तेजी से बदलाव हो रहा है। एआई का चलन है, स्टार्टअप, वैश्विक प्रतियोगिता और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियां है। आपकी सफलता नई चुनौतियों पर विजय पाने पर निर्भर करेगी। आपके बीच भी कई उद्यमी होंगे- तो समाधान निकालें और प्रभाव छोड़ें।
कुछ वैज्ञानिक बनेंगे तो इनोवेशन के जरिए समाज में बदलाव लाएं। एक लेखक व कलाकार के तौर पर समाज को प्रोत्साहित करें अपनी रचनात्मकता से। एक लीडर के तौर पर देश को, समाज को ले जाएं। हमेशा याद रखिए सफलता किसी एक की नहीं होती है। इसके पीछे सबका सहयोग है। हमेशा याद रखें कि सफल होने से पहले कई बार रिजेक्शन भी झेलना होता है। कभी सीखना न छोड़ें। सफलता के लिए मूल्यों से समझौता न करें, समाज को कुछ देने के बारे में सोचें। माता वैष्णो देवी आप पर कृपा बनाए रखें।