राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि कश्मीर में अशांति के माहौल को समाप्त करने के लिए अलगाववादियों से भी बात की जानी चाहिए।
इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार को बातचीत के लिए मुख्यधारा से अलग पार्टियों तथा पक्षकारों को चिह्नित करना चाहिए। वह पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संसद तथा सर्वदलीय बैठक दोनों में कहा था कि यदि सरकार जमीनी स्तर पर सुधार चाहती है तो जल्द से जल्द बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
इस वजह से बातचीत को केवल मुख्यधारा की पार्टियों तक ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। रियासत ही नहीं, बल्कि देशभर में मुख्यधारा से हटकर भी कुछ पार्टियां हैं, जिनका विधानसभाओं तथा संसद में प्रतिनिधित्व नहीं है।