केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस में अफसरों की कमी दूर हो जाएगी। अब तक जम्मू कश्मीर पुलिस कैडर के आईपीएस अधिकारी अपना जुगाड़ लगाकर डेपुटेशन ले लेते थे। पुलिस की कमान राज्य सरकार के पास होती थी। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद डेपुटेशन का जुगाड़ मुश्किल हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां यूटी कैडर लगेगा। ऐसे में डेपुटेशन पर चल रहे 17 अफसराें की वापसी हो सकती है।
सूत्रों की मानें तो यूटी कैडर लागू होने के बाद अफसरों को किसी भी यूटी में भेजा जा सकता है। मौजूदा अफसरों को यहीं पर रखने पर तवज्जो दी जाएगी। लेकिन माना जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के हाथ कमान आने से बाहर से अफसरों को भेजा जाएगा। साथ ही जो अफसर डेपुटेशन लेकर राज्य से बाहर हैं। इनको भी वापस लाने की तैयारी है। एक माह बाद एक अफसर का डेपुटेशन खत्म हो रहा है।
आईजी रैंक के अफसर गरीब दास जम्मू वापस आ जाएंगे। इसके अलावा भी 16 आईपीएस अफसर डेपुटेशन लेकर जम्मू-कश्मीर से बाहर हैं। जबकि इस समय जम्मू-कश्मीर कैडर के आईपीएस अधिकारियों की कुल संख्या 67 है। कुल स्वीकृत पद 80 हैं। लेकिन राज्य में 50 अफसर ही तैनात हैं।