सतवारी में 13 दुकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर
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दो दिनों में 30 से अधिक दुकानें हुईं ध्वस्त
सतवारी इलाके में गुरुवार को करीब 20 दुकानों को गिराया गया था, जबकि शुक्रवार को 13 दुकानें ध्वस्त की गईं। प्रभावित दुकानदारों और अन्य कब्जाधारियों को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें दो दिन पहले भी अपने सामान हटाने के लिए कहा गया था। बुधवार को इन दुकानों की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई थी।
दुकानदार बोले- रोजी-रोटी पर पड़ा सीधा असर
कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन पर मनमाने तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। दुकानदार सुरेश कुमार ने कहा कि इस कार्रवाई से व्यापारिक समुदाय को भारी नुकसान हुआ है और कई लोगों की रोजी-रोटी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। एक अन्य दुकानदार अरमिंदर सिंह ने कहा कि कई परिवारों की आजीविका इन दुकानों पर निर्भर थी। उन्होंने उपराज्यपाल और सरकार से प्रभावित दुकानदारों को न्याय दिलाने तथा तत्काल पुनर्वास की व्यवस्था करने की अपील की।
वैकल्पिक दुकानें देने की मांग
दुकानदारों ने कहा कि केवल दुकानें गिराने के बाद वैकल्पिक जगह के आवंटन पत्र देना उनकी तत्काल समस्या का समाधान नहीं है। उनका कहना है कि जब तक वैकल्पिक दुकानें उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक परिवारों की आय का जरिया प्रभावित रहेगा।
अरमिंदर सिंह ने दावा किया कि उनकी दुकान 50-60 साल पुरानी थी और उसके निर्माण से संबंधित नगरपालिका के दस्तावेज भी उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को उनकी आजीविका बचाने के लिए तत्काल वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
हाईवे विस्तार परियोजना का हिस्सा है कार्रवाई
प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, दुकानों को हटाने की कार्रवाई जम्मू शहर में चल रहे बुनियादी ढांचे और हाईवे विस्तार कार्य का हिस्सा है। दूसरी ओर, प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें उचित पुनर्वास और वैकल्पिक व्यावसायिक स्थान देने की मांग की है।