शोपियां जिले में मजदूरों पर हुए हमले के बाद पुलिस ने हर जिले में जहां मजदूर, गैर-स्थानीय कर्मचारी या अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं, वहां सुरक्षा बढ़ा दी है। इस बीच लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों द्वारा यह हमला करने की बात सामने आई है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अमरनाथ यात्रा में खलल डालने के मकसद से यह कायरतापूर्ण प्रयास किया गया है।
हमले के बाद हर उस जगह पुलिस और सेना दिखी जहां मज़दूर, गैर स्थानीय कर्मचारी या अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं। एक नागरिक ने बताया कि हमले के बाद देर शाम से ही पुलिस की गाड़ियां कुछ इलाकों में ऐलान करती दिखाई दीं। मजदूरों को अपने घरों में जल्द घुसने के निर्देश दिए। गश्त के दौरान उन्हें कहीं कोई दिखा भी तो उसे घर जाने को कहा गया।
पुलिस द्वारा ज्यादा लोगों को एक जगह खड़ा होने से परहेज करने को भी कहा गया। अधिकारियों ने कहा कि तीन गैर कश्मीरी मजदूरों पर हुए हमले के पीछे लश्कर-ए-ताइबा के दो स्थानीय आतंकवादियों का हाथ माना जा रहा है। पुलिस के कश्मीर ज़ोन के एडीजीपी विजय कुमार ने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द पकड़ने का निर्देश दिया।
तीनों घायलों की हालत खतरे से बाहर
आतंकी हमले में घायल मजदूरों की पहचान अनमोल कुमार, पिंटू कुमार ठाकुर और हीरालाल यादव के रूप में की गई है। ये सभी बिहार के सुपौल जिले के निवासी हैं। तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घायलों में से एक का इलाज श्रीनगर के श्री महाराजा हरी सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल में, जबकि दूसरे का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में और तीसरे का श्रीनगर के बोन एंड जॉइंट अस्पताल में जारी है।
29 मई को दीपू को मारी थी गोली
शुक्रवार की घटना से पहले 29 मई को दीपू की दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के जंगलात मंडी इलाके में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उधमपुर जिला निवासी दीपू अनंतनाग में एक निजी सर्कस में काम करता था। वहीं 26 फरवरी को आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के अछन क्षेत्र में कश्मीरी पंडित संजय शर्मा (40) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आतंकवादियों ने 2022 में कश्मीर में 29 नागरिकों की हत्या की थी।
श्रीनगर में दो ओजीडब्ल्यू गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) को श्रीनगर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार ओजीडब्ल्यू की पहचान मुशैब फय्याज बाबा उर्फ शोएब (20) और हिलाल याकूब देवा उर्फ सेठी साब (35) के रूप में हुई है। दोनों शोपियां जिले के हैं।
यह लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) और उसके शैडो आर्गेनाइजेशन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) सहित अन्य संगठनों के पाक स्थित कमांडरों और संचालकों के लिए काम कर रहे थे। छापे के दौरान कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। गिरफ्तार आतंकी सोशल मीडिया एप्लिकेशन से पाकिस्तान स्थित कमांडरों और विभिन्न आतंकवादी संगठनों के सक्रिय सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में थे।