भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, जम्मू-कश्मीर के लोग आतंकवाद और अलगाववाद से ऊब गए हैं, वह सिर्फ विकास चाहते हैं। श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने गुपकार गैंग को फिर गुमराह गैंग बताया। कहा, वह खुद भी गुमराह है और लोगों को भी गुमराह करते हैं। लोगों की भागीदारी देख यह गैंग बौखला गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह ठानी हुई है कि जम्मू-कश्मीर को पर्यटन का हब बनाना है लेकिन पहले लॉकडाउन और फिर कोरोना के चलते कई काम अधूरे रह गए हैं। पर्यटन हब बनने के बाद जम्मू-कश्मीर रोजगार देने वाला इलाका बनेगा। उन्होंने कहा कि हम जम्मू कश्मीर में लोगों का दिल जीतना चाहते हैं और यह चाहते हैं कि यहां हर घर तक बिजली और पानी पहुंचे। साथ ही यहां हर एक को रोजगार मिले यह हमारा सपना है।
उन्होंने एक मिसाल देते हुए कहा कि जब से गुजरात में सरदार पटेल की प्रतिमा लगाई गई है तब से वहां इतने लोग घूमने गए कि उस इलाके की तस्वीर बदल गई। इतना ही नहीं रोजगार के अवसर भी पैदा हुए। इसलिए हम चाहते हैं कि जम्मू कश्मीर को भी एक ऐसा केंद्र बनाया जाए जिससे यहां की तस्वीर भी बदल जाए।
किसानों को गुमराह किया जा रहा- शाहनवाज
किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि किसान भाइयों को वे लोग गुमराह कर रहे हैं जिन्होने खुद पहले इन कानूनों की बात की थी। चाहे वो शरद पवार हों, मुलायम सिंह यादव हों या अन्य नेता, यह लोग किसानों के कांधे पर अपनी नेतागिरी चलाना चाहते हैं। शाहनवाज ने कहा कि किसान नरेंद्र मोदी के दिल में बसते हैं और उन्हें गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबको प्रदर्शन करने का हक है लेकिन उसकी वजह से किसी को कोई दिक्कत न हो उसका भी ध्यान रखना चाहिए। सरकार उनसे बातचीत कर रही है और हल जरूर निकाला जाएगा।
रोशनी घोटाले में सभी गुनाहगार नहीं है
रोशनी घोटाले को लेकर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बहुत से लोग कह रहे हैं कि नेताओं ने तो गड़बड़ी की होगी, लेकिन बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्होने बिना धांधली के भी जमीनें ली हैं, इसलिए सबको एक ही चक्की में न पीसा जाए, उस पर गौर किया जा रहा है।
पीडीपी की तरह ड्रामा नहीं करते
शाहनवाज ने कहा कि बतौर चुनाव प्रभारी उनका डोडा जाने का प्लान था लेकिन एसएसपी डोडा से अनुमति न मिलने पर उन्होंने दौरा रद्द कर दिया। उन्हें बडगाम भी जाना था लेकिन सुरक्षा का हवाला देते हुए मना किया गया तो वह नहीं गए। महबूबा मुफ्ती की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि हम पीडीपी या एनसी नहीं कि इस बात पर ड्रामा करें। जो प्रशासन बोलेगा हम उसका पालन करेंगे।