जम्मू। जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी ने 'अदबी कुंज' के सहयोग से रविवार को शाम-ए-गजल का आयोजन कर सारथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में बहुआयामी व्यक्तित्व गुरुदेव ओपी शर्मा सारथी की याद में केएल सहगल हॉल सुरों और जज्बातों से सराबोर हो उठा।
मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. जितेंद्र उधमपुरी, विशिष्ट अतिथि सरदार पृथ्वीपाल सिंह प्रीतम, अरविंदर सिंह अमन व सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुरेश शर्मा और प्रख्यात लेखक सुहैल काजमी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वक्ताओं ने सारथी को एक दूरदर्शी कवि और मार्गदर्शक शक्ति बताया। उर्दू, हिंदी और डोगरी साहित्य को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
धर्मेश नरगोत्रा की मखमली आवाज ने बांधा समां
शाम-ए-गजल का मुख्य आकर्षण गायक धर्मेश नरगोत्रा का प्रदर्शन रहा। जैसे ही उन्होंने ओपी शर्मा सारथी की रचित गजलों को अपनी आवाज में गाना शुरू किया, हॉल में मौजूद दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। धर्मेश नरगोत्रा ने अपनी गायकी से सारथी की रचनाओं की काव्य समृद्धि और भावनात्मक गहराई को जीवंत कर दिया।