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सेक्सटॉर्शन मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी वैद समेत अन्य को कोर्ट में पेश होने के निर्देश

Thu, 11 Jul 2019 02:18 AM IST
Pranjal Dixit एजेंसी, जम्मू
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परिवहन आयुक्त व पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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सेक्सटॉर्शन मामले में अदालत ने परिवहन आयुक्त व पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद समेत पांच लोगों को 24 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है। एक महिला कर्मचारी ने वैद समेत पांच के खिलाफ याचिका दायर की थी। 

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उप जज पवन कुमार ने बुधवार को मामले की सुनवाई करने के बाद समन जारी किया। सुनवाई के दौरान जज ने महसूस किया कि यह मामला कार्यक्षेत्र पर महिला से यौन शोषण का है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह मोटर व्हीकल विभाग में कार्यरत है। यहां उसके सहयोगी मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर चंद्र मोहन शर्मा ने उसका यौन शोषण किया।

पीड़िता ने गांधी नगर पुलिस स्टेशन में इसकी एफआईआर भी दर्ज कराई। वर्तमान शिकायत में पीड़िता चाहती है कि सह आरोपियों के खिलाफ धारा 26 एक्ट के तहत कार्रवाई हो। पीड़ित कहती है कि आरोपी नंबर 2 ने कानून के तहत जांच के लिए कमेटी नहीं बनाई, जबकि आरोपी नंबर 1 ने अवैध रूप से कमेटी बनाई। दोनों ही मामले में एक्ट का उल्लंघन हुआ। अन्य आरोपियों ने नियमानुसार अपना काम नहीं किया। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई हो।  
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क्या था मामला
परिवहन विभाग में कार्यरत एक महिला क्लर्क ने परिवहन आयुक्त डॉ. एस पी वैद, सहायक परिवहन आयुक्त स्वर्ण सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ सेक्सटार्शन की शिकायत कोर्ट में दर्ज कराई। अन्य आरोपियों में (उधमपुर की एआरटीओ रचना शर्मा, जम्मू फ्लाइंग स्कवायड की एआरटीओ रेहाना तबस्सुम और एआरटीओ रुपाली शर्मा) भी शामिल हैं। पीड़ित महिला की ओर से कोर्ट में दर्ज शिकायत के तहत बताया गया कि महिला क्लर्क जहां काम करती है वहां उसे परेशानी हो रही थी। उसने अपने एक सहयोगी चंद्र मोहन शर्मा से कहा कि उसे कहीं और काम करना है। इस पर चंद्र मोहन ने कहा कि उसको बस वैद साहब के पास जाना होगा। 
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क्या है सेक्सटॉर्शन
किसी कार्यस्थल पर महिला सहयोगी की शिकायत का निवारण करने के लिए उससे अनैतिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालना सेक्सटॉर्शन की श्रेणी में आता है। 

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