मौसम के बदले मिजाज और कोहरे ने जम्मू पहुंचने वाली तमाम ट्रेनों की रफ्तार रोक दी। सभी ट्रेनें घंटों लेट रहीं। हिमगिरि एक्सप्रेस सबसे ज्यादा 18 घंटे लेट रही। ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। देर से जम्मू पहुंचने वाली ट्रेनें बिना वाशिंग लाइन भेजे प्लेटफार्म से ही वापस रवाना की गईं।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म ट्रेनों का इंतजार करने वाले यात्रियों से भरे रहे। प्लेटफार्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं रही। इसी कारण जिन यात्रियों की ट्रेन ज्यादा लेट रही, वह स्टेशन के बाहर खुले में इंतजार करने को मजबूर हुए। खासकर अन्य प्रदेशों से माता वैष्णो देवी के दर्शन को पहुंचे यात्रियों को काफी समस्याएं झेलने पड़ीं।
रेलवे के पूछताछ केंद्र पर यात्रियों की लंबी कतार देखी गई। प्लेटफार्म नंबर दो और तीन को प्लेटफार्म एक से जोड़ने वाले फुट ब्रिज पर भी काफी भीड़ रही। लोग एक-दूसरे को धक्के मार बढ़ते देखे गए। कई ट्रेनों को जम्मू से पहले ही छोटे स्टेशनों पर रोका गया। स्टेशन पर भारी भीड़ देखते हुए जीआरपी ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है।
मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर 12:30 बजे पहुंचने वाली हिमगिरि एक्सप्रेस 18 घंटे लेट होने के कारण उसकी वापसी भी नहीं हो पाई। इससे हिमगिरि के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इसी तरह सुबह 10:25 बजे जम्मू पहुंचने वाली अर्चना एक्सप्रेस सात घंटे, बेगमपुरा सुपर फास्ट एक्सप्रेस छह घंटे, सियालदह पांच घंटे और पूजा एक्सप्रेस चार घंटे देर से जम्मू पहुंची। बेगमपुरा एक्सप्रेस की प्लेटफार्म पर ही सफाई कर वापस रवाना कर दिया गया।