दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में प्रतिबंधित किए गए दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम स्कूल को लेकर कई चौंका देने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार कश्मीर प्रशासन की ओर से गैर कानूनी घोषित यह संस्था आतंकियों की फैक्टरी चला रही थी। इसमें से जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन व लश्कर के कई आतंकी कमांडर निकले हैं।
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर और मौलवी इरफान के भी इससे जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस संस्थान का उपयोग टेरर फैक्ट्री के अलावा हवाला फंडिंग के लिए भी किया जाता रहा है। जिस पैसे से जम्मू कश्मीर में चल रहे आतंकवाद कोराष्ट्रविरोधी गतिविधियों की योजनाएं बनाई जाती थीं। इतना ही नहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस दारुल उलूम में अवैधानिक और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की भी योजनाएं बनाई जाती रही हैं। इसके अलावा यहां एक मजबूत नेटवर्क भी तैयार किया जाता था जो आतंकवादियों को समर्थन देने के लिए हर वे तैयार रहते थे।