ये लिखा पत्र में
छात्र ने पत्र में लिखा है कि बहुत से युवा मोबाइल पर निशुल्क मौजूद गेम्स के एडिक्ट हो रहे हैं। जिसमें एक पबजी भी है। इन मोबाइल गेम्स की वजह से स्टूडेंट्स अपना वक्त जाया कर रहे हैं। वह इस समय को अपनी पढ़ाई पर व्यतीत कर सकते हैं, या फिर अन्य जगह लगा सकते हैं। इन गेम्स की वजह से युवा वर्ग बीमारियों का शिकार हो रहा है।
क्योंकि वह इंडोर गेम्स के चक्कर में आउटडोर गेम्स को भूल चुके हैं। इससे पहले कई बार ऐसा हो चुका है कि गेम्स की वजह से युवाओं की जान तक चली गई। सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि वह इसमें हस्तक्षेप करे और ऐसे कंटेंट को मोबाइल से हटाएं। इस लेटर को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर केंद्र और राज्य मुख्य सचिव को नोटिस दिया है।