जम्मू-कश्मीर में पखवाड़े भर में प्रदेश में संक्रमण की दर 13 फीसदी से गिरकर 6.2 हो गई है। सर्वाधिक संक्रमितों का आंकड़ा 5500 से गिरकर तीन हजार तक पहुंच गया है। हालांकि, संक्रमण अब शहरी क्षेत्र की बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक बढ़ गया है। जम्मू में 55 व कश्मीर में इसकी दर 60 फीसदी है। यह जानकारी केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रदेश सरकार ने जानकारी दी। गृह सचिव ने प्रशासन से सतर्कता बरतने में कोई कोताही न करने की हिदायत दी।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर भल्ला ने उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश प्रशासन को सलाह दी कि वह पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए टेस्टिंग और टीकाकरण में तेजी लाएं। लोगों से एसओपी का पालन कराएं। स्वास्थ्य का आधारभूत ढांचा मजबूत बनाने के लिए तेजी से काम हो। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव ने कहा कि कोरोना नियंत्रण के कार्य में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन बेहतर रहा है। प्रदेश में पिछले दो सप्ताह में प्रति दस लाख जनसंख्या पर 3946 मामले सामने आए हैं। वहीं दस लाख जनसंख्या पर 62 लोगों की मौत हुई है।
जम्मू-कश्मीर को वैक्सीन नियमित मिले: सीएस
मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि सरकार ने टेस्टिंग व टीकाकरण पर खास फोकस किया हुआ है। जम्मू-कश्मीर में 45 साल से ज्यादा आयु के 66 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो गया है। गांदरबल, जम्मू, सांबा और शोपियां में सौ फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव से अपील की कि 18 साल से अधिक आयु वालों के टीकाकरण के लिए जम्मू-कश्मीर को वैक्सीन की सप्लाई नियमित की जाए।
दूरदराज के इलाकों में 250 बेड के अस्पताल की अनुमति मिले
मुख्य सचिव ने कहा कि गांव स्तर पर कोरोना मरीजों के लिए आधारभूत स्वस्थ्य ढांचा खड़ा करने के मकसद से प्रत्येक पंचायत में पांच बेड वाला कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा है। 4000 पंचायतों में बनने इस सेंटर में एक ऑक्सीजन आधारित बेड होगा। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव से आग्रह किया कि दूरदराज के जिलों के लिए 250 बेड वाले कोविड अस्पताल स्थापित करने को मंजूरी दी जाए।